दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को लगातार दूसरे दिन भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.7 रही है। इससे पहले रविवार शाम 5:45 बजे भी 3.5 तीव्रता के झटके महसूस किए गए थे। मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार को दोपहर 1:26 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप का केंद्र दिल्ली में ही था। हालांकि, किसी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन लगातार दूसरे दिन भूकंप से लोग चिंतित हैं। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार रविवार को आए भूकंप का केंद्र पूर्वी दिल्ली में जमीन के 8 किलोमीटर नीचे था। जानकारों का कहना है कि अगर भूकंप का केंद्र जमीन में 15-20 किलोमीटर अंदर होता है तो रिक्टर स्केल पर तीव्रता भी ज्यादा होती है और झटके ज्यादा बड़े इलाके में महसूस किए जाते हैं। भूकंप के कारण लोग घरों से बाहर आ रहे हैं। इससे कोरोना संकट के बीच सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर खतरा पैदा हो गया है।
रिक्टर स्केल पर 2 या 3 की तीव्रता हल्का भूकंप
भूगर्भ वैज्ञानिकों के मुताबिक, भूकंप की वजह टेक्टोनिकल प्लेटों में तेज हलचल का होना है। इसके अलावा उल्का प्रभाव और ज्वालामुखी विस्फोट, माइन टेस्टिंग और न्यूक्लियर टेस्टिंग की वजह से भी भूकंप आते हैं। डॉ अरुण ने बताया कि रिक्टर स्केल पर 2 या 3 की तीव्रता का भूकंप हल्का होता है, जबकि 6 तीव्रता का मतलब शक्तिशाली भूकंप होता है। इतिहास का सबसे खतरनाक भूकंप 22 मई 1960 को चिली में आया था। इसकी तीव्रता 9.5 थी। 28 मार्च 1964 को भी अमेरिका में 9.2 तीव्रता का भूकंप आया था। डॉ अरुण बताते हैं कि धरती चार परतों से बनी है- इनर कोर, आउटर कोर, मेंटल और क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मेंटल को लिथोस्फेयर कहा जाता है। लिथोस्फेयर 50 किलोमीटर की मोटी परत होती है। ये परत वर्गों में बंटी है और इन्हें टेक्टोनिकल प्लेट्स कहते हैं। जब इन टेक्टोनिकल प्लेटों में हलचल तेज होती है तो भूकंप आता है।
दिल्ली हमेशा संवेदनशील
भूकंप के लिहाज से दिल्ली हमेशा काफी संवेदनशील इलाका माना जाता है। मैक्रो सेस्मिक जोनिंग मैपिंग में भारत को 4 जोन में बांटा गया है। यह जोन-2 से 5 तक है। इसमें जोन-2 सबसे कम संवेदनशील क्षेत्र है, जबकि जोन-5 ऐसा क्षेत्र है, जहां भूकंप आने की आशंका सबसे ज्यादा है। दिल्ली को जोन-4 में रखा गया है। दिल्ली में कल महसूस किए गए भूकंप के झटके के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली में भूकंप के झटके महसूस किए गए। आशा है कि सभी लोग सुरक्षित होंगे। मैं आप में से हर एक की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता हूं।














