दिल्ली हिंसा में मारे गए इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि अंकित शर्मा की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या की गई है। अंकित शर्मा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता संबित पात्रा ने शुक्रवार को ट्विट में कहा कि आई अधिकारी अंकित के शरीर को 4 घंटों तक लगातार चाकुओं से गोदा गया और उनके शरीर पर 400 बार चाकू से हमला किया गया। पात्रा का कहना है कि अंकित शर्मा की हत्या में नफरत की इंतहां दिखती है। भाजपा प्रवक्ता ने सवाल पूछा है कि एक आईबी अधिकारी के साथ इतनी नृशंसता से हत्या क्यों की गई?
अंकित शर्मा जी का Postmortem Report दिल को दहलाने वाला है:
2-4 घंटो तक अंकित को चाकू से लगातार गोदा गया
लगभग 400 बार चाकू से वार किया गया है।
अर्थात् शरीर का ऐसा कोई हिस्सा नहीं है जिसेबता दे, अंकित का शव बुधवार को दंगाग्रस्त चांद बाग इलाके के एक नाले में मिला था। शर्मा का शव अंत्यपरीक्षण के लिए गुरू तेगबहादुर अस्पताल ले जाया गया। आईबी में ही कार्यरत अंकित के पिता देवेंद्र ने कहा कि वह मंगलवार को शाम करीब साढ़े पांच बजे घर लौटा था और कुछ ही देर बाद बाहर हालात का जायजा लेने के लिए निकल गया। हालांकि वह कई घंटे तक नहीं लौटे। जब वह घंटों बाद भी अंकित घर नहीं लौटा, तो परिवार के सदस्यों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। अंकित के पिता बताते हैं 'हम जीटीबी और लोक नायक अस्पतालों में भी खोजबीन करने के लिए गए कि क्या उन्हें वहां भर्ती कराया गया था, लेकिन वहां भी वह नहीं मिला। बाद में लगभग 10 बजे, हमें जानकारी मिली कि उसका शव चांद बाग नाले के अंदर पड़ा है। हमने कभी नहीं सोचा था कि उसे मार दिया जाएगा।'
अंकित के पिता रविंदर कुमार ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में अपने बेटे की हत्या का आरोप आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और उसके लोगों पर लगाया है। हिंसा के लिए ताहिर पर सवाल उठने के बाद आप ने उसे पार्टी से निकाल दिया है।बता दें कि गत 24 एवं 25 फरवरी को सीएए (CAA) समर्थकों एवं विरोधियों के बीच उत्तर पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में झड़पें हुईं। धीरे-धीरे हिंसा की आग कई इलाकों में फैल गई। उपद्रवियों ने अलग-अलग जगहों पर इमारतों, दुकानों एवं वाहनों में आग लगाई। अब तक हिंसा में 43 लोग मारे गए हैं। हमले में तकरीबन 200 लोग घायल हुए है जिनका इलाज किया जा रहा है। हालांकि पिछले दो दिनों में हिंसा ग्रस्त इलाकों में स्थितियां सामान्य हुई हैं और जनजीवन पटरी पर लौटता दिखा है।














