दिल्ली में इस बार जो शीतलहर जारी है वह ऐतिहासिक है। यह दिसंबर पिछले 100 सालों के दौरान दूसरा सबसे ठंडा दिसंबर बनने जा रहा है। 1901 से 2018 तक सिर्फ चार मौकों पर दिसंबर का अधिकतम औसत तापमान 20 डिग्री से नीचे गया है। इस साल यह 26 दिसंबर तक 19.85 डिग्री है, जबकि 31 दिसंबर तक यह महज 19.15 डिग्री ही रह सकता है। इससे पहले 1907 में दिन का औसत तपमान दिसंबर में 17.3 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड किया गया था। शीत लहर का यह प्रकोप अभी 30 दिसंबर तक बना रहेगा। वही मौसम विभाग के मुताबिक 1 और 2 जनवरी 2020 को ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि 3 जनवरी तक हिल स्टेशनों में भी भयंकर बर्फबारी होगी। राजस्थान के फतेहपुर में रात का तापमान 0 से 3 डिग्री के बीच और सीकर में 0 से नीचे पहुंच रहा है।
हाड़ कांप वाली ठंड और घने कोहरे को देखते हुए मौसम विभाग ने 29 दिसंबर तक दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी यूपी में ऑरेंज अलर्ट जारी कर रखा है। इस शीतलहर के 11वें दिन सफदरजंग अस्पताल के पास अधिकतम तापमान 13.4 डिग्री, पालम में 11.8 डिग्री और दिल्ली यूनिवर्सिटी में 12.6 डिग्री रेकॉर्ड किया गया। दिल्ली में घने कोहरे के चलते दृश्यता सुबह 8:30 बजे के आसपास 700 मीटर थी। इसके चलते ट्रेनों का आवागमन और विमानों का संचालन भी प्रभावित है। इस सीजन में दिल्ली में 18 दिसंबर को अधिकतम तापमान महज 12.2 डिग्री तक पहुंच गया था। यह 22 सालों के अधिकतम तापमान का रेकार्ड था।














