दिल्ली में कश्मीरी गेट के पास यमुना नदी के किनारे ऐसा नजारा देखने को मिला, जो दिल्ली सरकार के बंदोबस्त पर सवाल खड़ा करने वाला है। यहां कश्मीरी गेट के पास यमुना नदी के किनारे हजारों की संख्या में मजदूर पहुंच गए हैं। हालांकि इन प्रवासी मजदूरों के जुटने के कारणों का पता नहीं लग पाया है। फिलहाल इन सभी को फल देकर शेल्टर होम्स में शिफ्ट कर दिया गया है, जो कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में बनाए गए हैं। सरकार दावा कर रही है कि लोगों को शेल्टर होम में रखा जा रहा है, खाने का पूरा इंतजाम है, जरूरत की चीजें मुहैया कराई जा रही हैं, लेकिन यहां की जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
Delhi: Migrant workers evacuated from Kudesiya Ghat near Kashmere Gate, given fruits & shifted to shelter homes set up at govt schools in different parts of Delhi amid #CoronavirusLockdown. pic.twitter.com/SNmasH92ZP
— ANI (@ANI)
मजदूरों के जुटने पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया है। केजरीवाल ने कहा कि यमुना घाट पर जुटे मजदूरों को तुरंत शिफ्ट करने के आदेश दिए गए हैं। उनके रहने खाने की व्यवस्था कर दी गई है। किसी को कोई भूखा या बेघर मिले तो हमें जरूर बताएं। वहीं, लोगों का कहना है कि पहले प्रशासन की ओर से खाने का इंतजाम किया जा रहा था, लेकिन अब एक टाइम का ही खाना मिल रहा है, वो भी गुरुद्वारे के लोग दे जाते हैं।
बता दे, देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बुधवार को 377 हो गई जबकि इससे संक्रमित लोगों की कुल संख्या 11,439 है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि संक्रमितों में कम से कम 1,305 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 9,756 लोगों का अब भी इलाज जारी है। इनमें से 76 विदेशी नागरिक हैं।














