दिल्ली सोमवार को 190 मामले सामने आए। राजधानी में अब तक 37 हजार 613 लोगों की जांच की जा चुकी है। इनमें से 2918 संक्रमित पाए गए हैं। 2533 लोगों की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। राजधानी में प्रत्येग 10 लाख पर 1862 लोगों की जांच हो रही है। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लगे लॉकडाउन में दिल्ली सरकार ने कुछ राहत दी है। दिल्ली सरकार ने कोरोना की स्थिति की समीक्षा के बाद आज से पशु चिकित्सकों, प्लंबर और बिजली कर्मियों पर रोक हटा दी। दिल्ली में सभी वेटनरी हॉस्पिटल, डिस्पेनसरी, क्लिनिक, पैथॉलोजी, लैब और वैक्सीन-मेडिसिन की बिक्री और सप्लाई की इजाजत दे दी हई है। साथ ही इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर और वॉटर प्यूरिफायर के मैकेनिक को भी छूट दी गई है। दिल्ली सरकार ने अपने आदेश में स्टूडेंट के लिए एजुकेशनल बुक स्टोर और इलेक्ट्रिक फैन की दुकान को भी खोलने की इजाजत दी गई है। इसके साथ ही सभी मेडिकल स्टाफ, वैज्ञानिक, नर्स, पैरा-मेडिकल स्टाफ, लैब टेक्नीशियन के अलावा हॉस्पिटल स्टाफ को अंतर-राज्य यात्रा की भी अनुमति दी। गृह मंत्रालय ने अपने आदेश में इन सभी को छूट के दायरे में रखा था। अब इसे दिल्ली सरकार ने लागू कर दिया है।
दिल्ली में पिछले चौबीस घंटों में 8 मरीज ठीक हो चुके हैं और एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। कोरोना को लेकर दिल्ली का रिकवरी रिकॉर्ड भी बेहतर है। दिल्ली का रिकवरी रेट 30% है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर ये 22% है।
स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित
चिंता की बात ये है कि दिल्ली में कोरोना लगातार स्वास्थ्य कर्मियों को अपना निशाना बना रहा है। रोहिणी के आंबेडकर अस्पताल के 32 चिकित्सा कर्मियों के कोविड-19 पॉजिटिव आने की खबर है। इसमें डॉक्टर और नर्स भी शामिल हैं। इसके अलावा यहां बाबू जगजीवन राम अस्पताल में डॉक्टरों समेत स्टाफ के 44 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। वहीं, रविवार को 21 नए मामले सामने आए। इसके बाद यहां संक्रमितों का आंकड़ा 65 हो गया है। इसके बाद अस्पताल में सभी मेडिकल सेवाएं बंद कर दी गईं। स्टाफ के बाकी लोगों के भी सैम्पल लिए गए हैं। दिल्ली एम्स की चौथी नर्स संक्रमित मिली। उसके दो बच्चे भी संक्रमित हो गए। एम्स का एक गार्ड भी पॉजिटिव मिला है।














