चीन से फैला कोरोना वायरस (Coronavirus) आज 124 देशों में फैल चुका है। चीन में इस वायरस की वजह से अब तक 3,176 मौतें चुकी है। हालाकि, अब खबरे आरही है कि चीन ने इस वायरस पर काबू पा लिया है। हालांकि चीन के आंकड़ों पर दुनियाभर की एजेंसियां शक भी जता रही हैं। वहीं चीन के बाद इटली ऐसा देश है जहां कोरोना वायरस की वजह से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। यहां अब तक 1,226 लोग इस संक्रमण की वजह से अपनी जान गवां चुके है। इटली और यूरोप को चीन के बाद कोरोना वायरस का दूसरा बड़ा केंद्र माना जा रहा है। यहां इन दोनों ही क्षेत्रों से लोग दुनियाभर में पहुंचे हैं और उनके साथ ही फैला है यह जानलेवा कोरोना वायरस। हमारे देश में अब तक कोरोना संक्रमण के जितने भी मामले दर्ज हुए हैं, उनमें से अधिकांश का यात्रा विवरण यह बताता है कि उन्होंने इटली और यूरोप की यात्रा की है।
जैसा की हम सभी जानते है कि कोरोना वायरस चीन से दुनिया भर में फैला है। ऐसे में हमारे देश में कोरोना के मामले मिलने से पहले एहतियातन चीन से आने वाले यात्रियों की जांच हुआ करती थी। तब तक इटली और यूरोप से आने वाले लोगों को बिना जांच के भारत में एंट्री मिल रही थी। जयपुर में जिन 14 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई वो सभी इटली से आए हुए पर्यटक थे। इसके बाद संक्रमण के जो मामले सामने आए या जिन पर शंका हुई वो सभी हाल-फिलहाल में इटली या यूरोप की यात्रा पर जा चुके थे। इसका मतलब यह हुआ कि यदि हमारा तंत्र समय रहते इटली और यूरोप से आने वाले लोगों की स्कैनिंग शुरू कर देता तो शायद यह संक्रमण इतना विशाल रूप नहीं ले पाता। वहीं कोरोना प्रभावित देशों से आने वाले भारतीय भी यदि जागरूकता और सतर्कता दिखाते हुए प्रशासन की सहायता करें तो इस संक्रमण को काफी तेजी से रोका जा सकता है।
हाल ही में हमारे देश में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनसे यह पता चलता है कि यदि हम अपने नागरिक कर्तव्यों का जिम्मेदारी के साथ पालन करते तो कोरोना का आंकड़ा 83 तक नहीं पहुंचता। कोरोना प्रभावित राज्यों से कई ऐसे मामले सुनने में आ रहे है कि कोरोना संक्रमित लोग अस्पताल से भाग भी रहे है।














