पाकिस्तान (Pakistan) में बीते कुछ दिनों में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के मामलों में तेजी से इजाफा देखने को मिला है। यहां इस वायरस से 304 मामले सामने आ चुके है। वहीं, इमरान सरकार ने ईरान से सटी सीमा पर कोरोना पीड़ितों के इलाज के लिए जो क्वॉरंटीन कैंप्स बनाए हैं वो सवालों के घेरे में आ गए हैं। अल जजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक इन क्वॉरंटीन कैंप्स को कचरे के ढेर के नज़दीक बना दिया गया है। इस कैंप्स की कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इन वीडियो और फोटोज के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग इमरान सरकार की तीखी आलोचना कर रहे है। सिंध के हेल्थ मिनिस्टर के प्रवक्ता मरीन युसूफ के मुताबिक पाकिस्तान में कोरोना के मामले ख़राब इंतज़ाम नहीं बल्कि पॉजिटिव लोगों को बीमारी की कम जानकारी होने के चलते बढ़ रहे है।
PM Imran Khan praises Balochistan govt for making excellent #Quarantine arrangements at #Taftaan border for Pakistanis returning from Iran. The reality is explained in this video & it’s chilling ...
ईरान सीमा पर स्थित ताफ्तान कैंप के लोगों ने अल जजीरा को बताया कि यहां रहने की हालत बेहद ख़राब है और खाने-पीने के लिए भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तान ने कोरोना के लिए जो प्रोसिजर बनाया है उसके मुताबिक पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आने वाला शख्स अगर टेस्ट में नेगेटिव भी पाया जाता है तो भी उसे 14 दिन तक क्वारंटीन कैंप में ही रहना होगा। कैंप में रह रहे आमिर अली ने सोशल मीडिया पर कई ऐसी तस्वीरें शेयर की हैं जो कि वहां की बदहाली बयान कर रही हैं। आमिर के मुताबिक इन कैंप में अब रहने की जगह ही नहीं बची है। इसके अलावा लोगों को खाने और दवाई की किल्लत का भी सामना करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया के जरिए सामने आई तस्वीरों और वीडियो में गंदगी और अव्यवस्था साफ़ नज़र आ रही है।
खारिज किया सभी आरोपों को
हालांकि क्वारंटीन कैंप चला रही अथॉरिटी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता लियाकत शहवानी सफाई देते हैं कि WHO के सुझाए नियमों के मुताबिक ही सारा काम किया जा रहा है।














