बिहार के जिला दरभंगा में वार्ड 17 के लोग नेताओं के काम न करने से नाराज है ऐसे में किसी भी पार्टी के नेता को मोहल्ले में घुसने की अनुमति नहीं है। लोगों ने इसके लिए बैनर भी बनाया है जिसपर लिखा है ‘नेताओं का प्रवेश निषेध’। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय नेताओं को जनता की याद आती है। पांच साल तक हम विकास कार्यों के लिए इन नेताओं के चक्कर लगाते हैं। नेताओं के दरवाजे जिस तरह से जनता के लिए बंद होते हैं, उसी तरह अब हमने नेताओं के लिए अपने दरवाजे बंद कर दिए हैं।
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दरअसल दरभंगा शहर के वार्ड नम्बर 17 के कटरहिया गांधी नगर के लोग वर्षों से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। लोगों का कहना है कि न जाने कितनी बार नेताओं के चक्कर लगाए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। हालत ये है कि सड़कों पर लंबे समय से भरे पानी से दुर्गंध आने लगी है और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
मोहल्ले वालों का कहना है कि नेता जीतने के बाद जनता की ओर नहीं देखते हैं, उन्हें बस मतदान से पहले जनता की याद आती है।
यहां के रहने वाले अमन सक्सैना ने कहा कि 20 वर्षों से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। पानी निकासी के लिए पिछले दो वर्ष से नाले का निर्माण चल रहा है, जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
यहां के रहने वाले मृत्युंजय कुमार ने कहा कि बारिश के समय में ये पूरा एरिया तालाब बन जाता है। सड़कों पर घुटनों से अधिक पानी होता है। ऐसे में किसी वाहन का गुजरना तो दूर, लोग यहां से पैदल नहीं निकल पाते हैं। क्षेत्र की इस बड़ी समस्या को लेकर कई बार नेताओं से मिलने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। लिखित में शिकायत भी की गई, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं था। पांच साल तक नेताओं के दरवाजे जनता के लिए बंद दिखाई दिए, तो अब जब बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में नेताओं को जनता की जरूरत है, तो हमने अब अपने घरों के दरवाजे इन नेताओं के लिए बंद कर दिए है।