#WATCH Delhi-Noida border: A farmer representative from Bharatiya Kisan Union who was talking to Police officials, makes an announcement, asking protesters to let an ambulance crossing from there, pass without any obstruction.
— ANI UP (@ उन्होंने कहा कि हम अपनी मांगों पर अभी भी टिके हैं और गृह मंत्री से उन्हीं मसलों पर बात करेंगे। किसान नेता राकेश टिकैत ने उम्मीद जताई है कि गृह मंत्री के साथ बैठक में कुछ पॉजिटिव निष्कर्ष निकलेगा।
Visuals near Rashtriya Dalit Prerna Sthal. pic.twitter.com/ajlJ8sbjLi
आपको बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह और किसानों नेताओं के बीच ये बैठक तब हो रही है, जब बुधवार को किसानों और सरकार के बीच छठे राउंड की बात होनी है।
किसान संगठन इससे पहले भी कई बार मांग करते आए हैं कि कृषि कानून के मसले पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को बात करनी चाहिए। हालांकि, सरकार और किसानों के बीच होने वाली चर्चा में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल सरकार की ओर से अगुवाई कर रहे हैं।
किसानों की बुधवार को सरकार से छठे राउंड की मीटिंग भी होनी है। इससे पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आज दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के घर जाकर मुलाकात की है। उधर, टिकरी बॉर्डर पर जुटे किसानों ने कहा है कि उन्हें कानून वापसी से कम कुछ मंजूर नहीं। अबतक पांच राउंड की हो चुकी है बात
कृषि कानून के खिलाफ पंजाब और अन्य राज्यों के किसान दिल्ली की सीमाओं पर पिछले 13 दिनों से डटे हुए हैं। किसान लगातार कृषि कानून वापस लेने की मांग कर रहे हैं और इसको लेकर सरकार के साथ अबतक पांच राउंड की बात हो गई है। किसानों ने पहले ही भारत बंद का आह्वान किया था लेकिन 9 दिसंबर को होने वाली सरकार के साथ वार्ता में शामिल होने की सहमति भी जताई थी।
किसानों ने 11 बजे से 3 बजे तक चक्काजाम का ऐलान किया था। दिल्ली-UP बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी तय समय पर सड़कों से हट गए। सुबह जो 2 लेन बंद की गई थीं, उन्हें भी खोल दिया गया।
किसानों ने बुलाया था भारत बंद
किसानों ने कृषि कानूनों के विरोध में आज भारत बंद बुलाया था। किसान संगठनों ने सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक भारत बंद का आह्वान किया था और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की बात कही थी। हालांकि, देश के अलग-अलग हिस्सों में दो दर्जन से अधिक राजनीतिक दलों ने भी भारत बंद का समर्थन किया। किसान संगठनों ने दिल्ली, यूपी, हरियाणा और पंजाब की सीमाओं पर व्यापक प्रदर्शन किया।













