
पंजाब राज्य जो कि भारत का अभिन्न अंग हैं। जिसे अपनी संस्कृति, दरियादिली, बहादुरी, भोजन, पर्यटन जैसी कई चीजों के लिए जाना जाता हैं। पंजाब में अधिकांश लोग सिख समुदाय के रहते हैं जो कि पूरे भारत में भी हर जगह देखे जा सकते हैं। जिसके चलते देश के हर इंसान का पंजाब से एक अपनापन जुड़ जाता हैं। अगर आप इन छुट्टियों में घूमने जाने की सोच रहे हैं और निश्चित नहीं कर पा रहे हैं कि कहाँ जाना है। तो हम तो आपको पंजाब घूमने की जरूर कहेंगे। इसलिए आज हम आपको पंजाब के कुछ पर्यटन स्थलों के बारे में भी बताने जा रहे हैं। तो चलिए जानते हैं पंजाब के पर्यटन स्थल।
* अमृतसर
विश्वभर में प्रसिद्ध हरमिंदर साहिब के नाम से विखाय्त स्वर्ण मंदिर अमृतसर में स्थित है। भारत में अमृतसर सबसे ज्यादा दौरा किया जाने पर्यटन स्थल है। यहां हर दिन हजारों की तादाद में पर्यटक स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने पहुंचते हैं। यह पूरे विश्व में सिखों का सबसे सम्मानित तीर्थ स्थान है। स्वर्ण मंदिर के अलावा पर्यटक अमृतसर में जालियांवाला बाग़।महाराजा रंजीत सिंह म्यूजियम।गुरु के महल। वाघा बॉर्डर आदि भी देख सकते हैं। और हां अमृतसर में शॉपिंग करना कतई ना भूले।यहां के हॉल बाजार में पारंपरिक पंजाबी कपड़ो की शॉपिंग की जा सकती है।
* चंडीगढ़
पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ भारत का पहला सुनियोजित शहर है।जिसे ली कोर्बुसीयर और हमारे पूर्व प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू ने बनाया था। चंडीगढ़ में कुछ सुव्यवस्थित मनोरंजन केंद्र हैं। जैसे अवकाश घाटी। और उद्यान आदि। सुखना झील। रोज गार्डन। फ़न सिटी और टेरासिड गार्डन कुछ ऐसे स्थान हैं। जिन्हें आपको चंडीगढ़ की यात्रा के दौरान जरुर देखना चाहिए है। इसी के साथ नेक चंद द्वारा निर्मित रॉक गार्डन भी देखें जिसमे प्लास्टिक। रॉक। टूटी चीनी मिट्टी के बरतन और अधिक की तरह कचरे के बने मूर्तियां शामिल हैं।

* शीश महल
भारत की मुस्कराती आत्मा कहलाने वाला पंजाब बगीचों और किलों के शहरों वाला राज्य भी है। पंजाब के आलीशान महल टेढ़े-मेढ़े खेतों और भव्य मंदिरों की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं। शीश महल भी पटियाला में ऐसा ही एक अति-सुंदर महल है। जो तत्कालीन महाराजाओं की भव्य जीवनशैली को दिखाता है।
* पुष्पा गुजराल साइंस सिटी
पुष्पा गुजराल साइंस सिटी जालंधर-कपूरथला मार्ग पर 72 एकड़ क्षेत्रफल में फैली है। यह उत्तरी भारत के सबसे बड़े साइंस पार्क में से एक है। यह प्रोजेक्ट सरकारी सहयोग से अस्तित्व में आया है। जिसने 70 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि इसके लिए रखी है।
* वाघा बॉर्डर
अमृतसर से 28 किलोमीटर दूर स्थित वाघा बॉर्डर भारत और पाकिस्तान को अलग करती है। ध्वजों को नीचे उतारने का रोज होने वाला समारोह प्रमुख पर्यटन आकर्षण है। दोनों देशों के सैनिक इस समारोह को अंजाम देते हैं। भारत का सीमा सुरक्षा बल और पाकिस्तान का पाकिस्तान रेंजर्स।














