न्यूज़
IPL 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

भारत में मकर संक्रान्ति के विभिन्न रूप

सम्पूर्ण भारत में मकर संक्रान्ति विभिन्न रूपों में मनाया जाता है। विभिन्न प्रान्तों में इस त्योहार को मनाने के जितने अधिक रूप प्रचलित हैं उतने किसी अन्य पर्व में नहीं।

Posts by : Sandeep Gupta | Updated on: Thu, 11 Jan 2018 3:57:27

भारत में मकर संक्रान्ति के विभिन्न रूप

सम्पूर्ण भारत में मकर संक्रान्ति विभिन्न रूपों में मनाया जाता है। विभिन्न प्रान्तों में इस त्योहार को मनाने के जितने अधिक रूप प्रचलित हैं उतने किसी अन्य पर्व में नहीं।

makar sankranti celebration,makar sankranti

हरियाणा और पंजाब में इसे लोहड़ी के रूप में एक दिन पूर्व 13 जनवरी को ही मनाया जाता है। इस दिन अँधेरा होते ही आग जलाकर अग्निदेव की पूजा करते हुए तिल, गुड़, चावल और भुने हुए मक्के की आहुति दी जाती है। इस सामग्री को तिलचौली कहा जाता है। इस अवसर पर लोग मूंगफली, तिल की बनी हुई गजक और रेवड़ियाँ आपस में बाँटकर खुशियाँ मनाते हैं। बहुएँ घर-घर जाकर लोकगीत गाकर लोहड़ी माँगती हैं। नई बहू और नवजात बच्चे के लिये लोहड़ी का विशेष महत्व होता है। इसके साथ पारम्परिक मक्के की रोटी और सरसों के साग का आनन्द भी उठाया जाता है।

makar sankranti celebration,makar sankranti

उत्तर प्रदेश में यह मुख्य रूप से 'दान का पर्व' है। इलाहाबाद में गंगा, यमुना व सरस्वती के संगम पर प्रत्येक वर्ष एक माह तक माघ मेला लगता है जिसे माघ मेले के नाम से जाना जाता है। 14 जनवरी से ही इलाहाबाद में हर साल माघ मेले की शुरुआत होती है। 14 दिसम्बर से 14 जनवरी तक का समय खर मास के नाम से जाना जाता है। एक समय था जब उत्तर भारत में है। 14 दिसम्बर से 14 जनवरी तक पूरे एक महीने किसी भी अच्छे काम को अंजाम भी नहीं दिया जाता था। मसलन शादी-ब्याह नहीं किये जाते थे परन्तु अब समय के साथ लोगबाग बदल गये हैं। परन्तु फिर भी ऐसा विश्वास है कि 14 जनवरी यानी मकर संक्रान्ति से पृथ्वी पर अच्छे दिनों की शुरुआत होती है। माघ मेले का पहला स्नान मकर संक्रान्ति से शुरू होकर शिवरात्रि के आख़िरी स्नान तक चलता है। संक्रान्ति के दिन स्नान के बाद दान देने की भी परम्परा है।बागेश्वर में बड़ा मेला होता है। वैसे गंगा-स्नान रामेश्वर, चित्रशिला व अन्य स्थानों में भी होते हैं। इस दिन गंगा स्नान करके तिल के मिष्ठान आदि को ब्राह्मणों व पूज्य व्यक्तियों को दान दिया जाता है। इस पर्व पर क्षेत्र में गंगा एवं रामगंगा घाटों पर बड़े-बड़े मेले लगते है। समूचे उत्तर प्रदेश में इस व्रत को खिचड़ी के नाम से जाना जाता है तथा इस दिन खिचड़ी खाने एवं खिचड़ी दान देने का अत्यधिक महत्व होता है।

makar sankranti celebration,makar sankranti

बिहार में मकर संक्रान्ति को खिचड़ी नाम से जाता हैं। इस दिन उड़द, चावल, तिल, चिवड़ा, गौ, स्वर्ण, ऊनी वस्त्र, कम्बल आदि दान करने का अपना महत्त्व है।

makar sankranti celebration,makar sankranti

महाराष्ट्र में इस दिन सभी विवाहित महिलाएँ अपनी पहली संक्रान्ति पर कपास, तेल व नमक आदि चीजें अन्य सुहागिन महिलाओं को दान करती हैं। तिल-गूल नामक हलवे के बाँटने की प्रथा भी है। लोग एक दूसरे को तिल गुड़ देते हैं और देते समय बोलते हैं -"लिळ गूळ ध्या आणि गोड़ गोड़ बोला" अर्थात तिल गुड़ लो और मीठा-मीठा बोलो। इस दिन महिलाएँ आपस में तिल, गुड़, रोली और हल्दी बाँटती हैं।

makar sankranti celebration,makar sankranti

बंगाल में इस पर्व पर स्नान के पश्चात तिल दान करने की प्रथा है। यहाँ गंगासागर में प्रति वर्ष विशाल मेला लगता है। मकर संक्रान्ति के दिन ही गंगा जी भगीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होकर सागर में जा मिली थीं। मान्यता यह भी है कि इस दिन यशोदा ने श्रीकृष्ण को प्राप्त करने के लिये व्रत किया था। इस दिन गंगासागर में स्नान-दान के लिये लाखों लोगों की भीड़ होती है। लोग कष्ट उठाकर गंगा सागर की यात्रा करते हैं। वर्ष में केवल एक दिन मकर संक्रान्ति को यहाँ लोगों की अपार भीड़ होती है। इसीलिए कहा जाता है-"सारे तीरथ बार बार, गंगा सागर एक बार।"

makar sankranti celebration,makar sankranti

तमिलनाडु में इस त्योहार को पोंगल के रूप में चार दिन तक मनाते हैं। प्रथम दिन भोगी-पोंगल, द्वितीय दिन सूर्य-पोंगल, तृतीय दिन मट्टू-पोंगल अथवा केनू-पोंगल और चौथे व अन्तिम दिन कन्या-पोंगल। इस प्रकार पहले दिन कूड़ा करकट इकठ्ठा कर जलाया जाता है, दूसरे दिन लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है और तीसरे दिन पशु धन की पूजा की जाती है। पोंगल मनाने के लिये स्नान करके खुले आँगन में मिट्टी के बर्तन में खीर बनायी जाती है, जिसे पोंगल कहते हैं। इसके बाद सूर्य देव को नैवैद्य चढ़ाया जाता है। उसके बाद खीर को प्रसाद के रूप में सभी ग्रहण करते हैं। इस दिन बेटी और जमाई राजा का विशेष रूप से स्वागत किया जाता है।

makar sankranti celebration,makar sankranti

असम में मकर संक्रान्ति को माघ-बिहू अथवा भोगाली-बिहू के नाम से मनाते हैं।

makar sankranti celebration,makar sankranti

राजस्थान में इस पर्व पर सुहागन महिलाएँ अपनी सास को वायना देकर आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। साथ ही महिलाएँ किसी भी सौभाग्यसूचक वस्तु का चौदह की संख्या में पूजन एवं संकल्प कर चौदह ब्राह्मणों को दान देती हैं। इस प्रकार मकर संक्रान्ति के माध्यम से भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति की झलक विविध रूपों में दिखती है।

राज्य
View More

Shorts see more

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

  • किचन का आम तेल भी बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह
  • Linoleic Acid बढ़ा सकता है खतरनाक Triple-Negative Breast Cancer
  • सरसों का तेल, नारियल तेल या देसी घी हो सकते हैं सुरक्षित विकल्प
read more

ताजा खबरें
View More

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का सख्त रुख, जानिए आखिर क्यों बढ़ा तनाव और क्यों अहम है यह समुद्री रास्ता
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का सख्त रुख, जानिए आखिर क्यों बढ़ा तनाव और क्यों अहम है यह समुद्री रास्ता
‘TMC के गुंडों पर कसेगा शिकंजा, 7वां वेतन आयोग होगा लागू’—हल्दिया से पीएम मोदी ने बंगाल को दी 6 बड़ी गारंटियां
‘TMC के गुंडों पर कसेगा शिकंजा, 7वां वेतन आयोग होगा लागू’—हल्दिया से पीएम मोदी ने बंगाल को दी 6 बड़ी गारंटियां
दिल्ली पहुंचते ही CM नीतीश कुमार का पहला बयान, बोले- ‘20 साल बिहार में काम किया, अब यहां भी जिम्मेदारी निभाएंगे’
दिल्ली पहुंचते ही CM नीतीश कुमार का पहला बयान, बोले- ‘20 साल बिहार में काम किया, अब यहां भी जिम्मेदारी निभाएंगे’
AAP के विवाद के बीच राघव चड्ढा ने दिया बड़ा इशारा, क्या उठाएंगे धमाकेदार कदम?
AAP के विवाद के बीच राघव चड्ढा ने दिया बड़ा इशारा, क्या उठाएंगे धमाकेदार कदम?
दिल्ली में IAS अफसरों के बड़े फेरबदल, फाइनेंस से उद्योग विभाग तक ताबड़तोड़ ट्रांसफर, प्रशासन में हड़कंप
दिल्ली में IAS अफसरों के बड़े फेरबदल, फाइनेंस से उद्योग विभाग तक ताबड़तोड़ ट्रांसफर, प्रशासन में हड़कंप
ममता कुलकर्णी ने महिलाओं की सेहत पर जताई चिंता, कहा- यह समस्या केवल महिलाओं तक सीमित नहीं
ममता कुलकर्णी ने महिलाओं की सेहत पर जताई चिंता, कहा- यह समस्या केवल महिलाओं तक सीमित नहीं
अप्रैल में बन रहा दुर्लभ द्विद्वादश राजयोग, इन 4 राशियों के लिए खुलेंगे कुबेर के खजाने!
अप्रैल में बन रहा दुर्लभ द्विद्वादश राजयोग, इन 4 राशियों के लिए खुलेंगे कुबेर के खजाने!
तरबूज खाने का सही वक्त कौन सा है, जानें किस समय सेवन से मिलते हैं अधिकतम फायदे
तरबूज खाने का सही वक्त कौन सा है, जानें किस समय सेवन से मिलते हैं अधिकतम फायदे
वैभव सूर्यवंशी के तूफानी खेल ने ईशान किशन और ऋषभ पंत का रिकॉर्ड किया ध्वस्त, IPL में बनी नई सनसनी
वैभव सूर्यवंशी के तूफानी खेल ने ईशान किशन और ऋषभ पंत का रिकॉर्ड किया ध्वस्त, IPL में बनी नई सनसनी
Video: आखिरी गेंद तक हाई-वोल्टेज मुकाबला, डेविड मिलर की भूल और दिल्ली की 1 रन से हार
Video: आखिरी गेंद तक हाई-वोल्टेज मुकाबला, डेविड मिलर की भूल और दिल्ली की 1 रन से हार
Game of Thrones के अभिनेता माइकल पैट्रिक का 35 की उम्र में निधन, गंभीर बीमारी से लंबी लड़ाई के बाद कहा अलविदा
Game of Thrones के अभिनेता माइकल पैट्रिक का 35 की उम्र में निधन, गंभीर बीमारी से लंबी लड़ाई के बाद कहा अलविदा
‘मैं यहां कपड़े उतारने नहीं आई...’ गलत मांगों पर भड़की एक्ट्रेस, सोशल मीडिया पर दिया करारा जवाब
‘मैं यहां कपड़े उतारने नहीं आई...’ गलत मांगों पर भड़की एक्ट्रेस, सोशल मीडिया पर दिया करारा जवाब
11 अप्रैल से शनि-बुध का महा-संयोग देगा जबरदस्त फायदा, इन 4 राशियों के लिए 20 दिन रहेंगे बेहद शुभ!
11 अप्रैल से शनि-बुध का महा-संयोग देगा जबरदस्त फायदा, इन 4 राशियों के लिए 20 दिन रहेंगे बेहद शुभ!
6 साल की उम्र में जीता दिल, ‘मिस्टर इंडिया’ बनी पहली और आखिरी फिल्म, 38 साल बाद बदली पहचान, आज दिखती हैं बेहद खूबसूरत
6 साल की उम्र में जीता दिल, ‘मिस्टर इंडिया’ बनी पहली और आखिरी फिल्म, 38 साल बाद बदली पहचान, आज दिखती हैं बेहद खूबसूरत