न्यूज़
Yogi Adityanath Tejashwi Yadav Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

बलात्कार पीड़िता की गर्भपात याचिका स्थगित करने पर गुजरात HC से सुप्रीम कोर्ट नाखुश, कीमती समय बर्बाद हुआ

विशेष बैठक में न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि ऐसे मामलों में तात्कालिकता की भावना होनी चाहिए, न कि ऐसे मामले को किसी भी सामान्य मामले के रूप में मानने और इसे खारिज करने का उदासीन रवैया अपनाना चाहिए।

Posts by : Rajesh Bhagtani | Updated on: Mon, 21 Aug 2023 2:20:27

बलात्कार पीड़िता की गर्भपात याचिका स्थगित करने पर गुजरात HC से सुप्रीम कोर्ट नाखुश, कीमती समय बर्बाद हुआ

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को गुजरात हाई कोर्ट के एक फैसले पर नाराजगी जताई है। हाई कोर्ट ने एक बलात्कार पीड़िता की 26 हफ्ते की प्रेगनेंसी को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की याचिका को स्थगित कर दिया था। जिस पर नाराजगी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई के दौरान कीमती समय बर्बाद हो गया है।

शनिवार को एक स्पेशल सिटिंग में जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि ऐसे मामलों में तुरंत सुनवाई होनी चाहिए, न कि मामले को किसी भी सामान्य मामले के रूप में मानने और इसे स्थगित करने का लापरवाह रवैया होना चाहिए।

गुजरात उच्च न्यायालय पर जताई नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात उच्च न्यायालय द्वारा दुष्कर्म पीड़िता की 26 सप्ताह की गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से खत्म करने की याचिका को खारिज करने पर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि मामले की सुनवाई के दौरान "मूल्यवान समय" बर्बाद हुआ। विशेष बैठक में न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि ऐसे मामलों में तात्कालिकता की भावना होनी चाहिए, न कि ऐसे मामले को किसी भी सामान्य मामले के रूप में मानने और इसे खारिज करने का उदासीन रवैया अपनाना चाहिए।

प्रेगनेंसी टर्मिनेशन के लिए खटखटाया था सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को सूचित किया कि 25 वर्षीय महिला ने 7 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और मामले की सुनवाई अगले दिन हुई थी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 8 अगस्त को प्रेगनेंसी की स्थिति के साथ-साथ याचिकाकर्ता की मेडिकल कंडीशन का पता लगाने के लिए एक मेडिकल बोर्ड के गठन का निर्देश जारी किया था। रिपोर्ट 10 अगस्त को मेडिकल कॉलेज द्वारा प्रस्तुत की गई थी जहां उसकी जांच की गई थी।

शीर्ष अदालत ने कहा कि रिपोर्ट को हाई कोर्ट ने 11 अगस्त को रिकॉर्ड पर लिया था लेकिन अजीब बात है मामले को 12 दिन बाद यानी 23 अगस्त को लिस्ट किया गया था। मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हर दिन की देरी महत्वपूर्ण थी और इसका बहुत महत्व था।

याचिकाकर्ता के वकील ने शीर्ष अदालत को सूचित किया कि 25 वर्षीय महिला ने सात अगस्त को उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और मामले की सुनवाई अगले दिन हुई थी। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने आठ अगस्त को गर्भावस्था की स्थिति के साथ-साथ याचिकाकर्ता की स्वास्थ्य स्थिति का पता लगाने के लिए एक मेडिकल बोर्ड के गठन का निर्देश जारी किया था। पीड़िता की जांच करने वाले मेडिकल कॉलेज द्वारा रिपोर्ट 10 अगस्त को पेश की गई थी।

शीर्ष अदालत ने कहा कि रिपोर्ट को उच्च न्यायालय ने 11 अगस्त को रिकॉर्ड पर लिया था, लेकिन अजीब बात है कि मामले को 12 दिन बाद यानी 23 अगस्त के लिए सूचीबद्ध किया गया, इस तथ्य को नजरअंदाज करते हुए कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के संबंध में हर दिन की देरी महत्वपूर्ण थी और इसका बहुत महत्व था। पीठ ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता के वकील ने उसके संज्ञान में लाया है कि मामले की स्थिति से पता चलता है कि याचिका 17 अगस्त को उच्च न्यायालय द्वारा खारिज कर दी गई थी, लेकिन अदालत में कोई कारण नहीं बताया गया और आदेश अभी तक उच्च न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया है।

पीठ ने कहा, इस परिस्थिति में हम इस अदालत के प्रधान सचिव को गुजरात उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल से पूछताछ करने और यह पता लगाने का निर्देश देते हैं कि विवादित आदेश अपलोड किया गया है या नहीं। याचिकाकर्ता ने वकील विशाल अरुण मिश्रा के माध्यम से शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है।

याचिकाकर्ता के वकील ने पीठ को बताया कि जब मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया था तब याचिकाकर्ता गर्भावस्था के 26वें सप्ताह में थी। पीठ ने पूछा, 11 अगस्त को इसे 23 अगस्त तक के लिए रोक दिया गया था। किस उद्देश्य से? पीठ ने आगे कहा, तब तक कितने दिन बर्बाद हो चुके होंगे? याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि मामला 23 अगस्त के बजाय 17 अगस्त को सूचीबद्ध किया गया था।

दोबारा मेडिकल जांच के आदेश

याचिकाकर्ता के वकील ने पीठ को बताया कि आज तक याचिकाकर्ता 27 सप्ताह और दो दिन की गर्भवती है और जल्द ही उसकी गर्भावस्था का 28वां सप्ताह करीब आ जाएगा। उन्होंने कहा कि मेडिकल बोर्ड से नई रिपोर्ट मांगी जा सकती है। इस पर पीठ ने कहा, इन परिस्थितियों में हम याचिकाकर्ता को एक बार फिर जांच के लिए अस्पताल के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश देते हैं और नवीनतम स्थिति रिपोर्ट कल शाम छह बजे तक इस अदालत को सौंपी जा सकती है।

सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि वह इस मामले में उच्च न्यायालय के आदेश का इंतजार करेगी। आदेश में कहा गया, हम आदेश का इंतजार करेंगे। आदेश के अभाव में हम आदेश की सत्यता पर कैसे विचार कर सकते हैं। पीठ ने मेडिकल बोर्ड द्वारा उच्च न्यायालय में दाखिल की गई रिपोर्ट के बारे में भी पूछा। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक, गर्भावस्था को खत्म किया जा सकता है।

मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी (एमटीपी) अधिनियम के तहत गर्भावस्था को खत्म करने की ऊपरी सीमा विवाहित महिलाओं, दुष्कर्म पीड़िता सहित विशेष श्रेणियों और अन्य कमजोर महिलाओं जैसे कि विकलांग और नाबालिगों के लिए 24 सप्ताह है।

राज्य
View More

Shorts see more

बारिश के मौसम में ग्लोइंग स्किन चाहिए? अपनाएं ब्लू स्किन केयर का ये वायरल ब्यूटी ट्रेंड

बारिश के मौसम में ग्लोइंग स्किन चाहिए? अपनाएं ब्लू स्किन केयर का ये वायरल ब्यूटी ट्रेंड

  • मानसून में स्किन चिपचिपी और पिंपल्स वाली हो जाती है
  • ब्लू स्किन केयर से ठंडक और हाइड्रेशन मिलता है
  • #BlueSkincare ट्रेंड युवाओं में वायरल है
read more

ताजा खबरें
View More

दिल्ली में ठंड का प्रकोप तेज, मकर संक्रांति पर तापमान 2 डिग्री तक गिरा, कुछ घंटों के लिए छाया घना कोहरा
दिल्ली में ठंड का प्रकोप तेज, मकर संक्रांति पर तापमान 2 डिग्री तक गिरा, कुछ घंटों के लिए छाया घना कोहरा
अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने किया एयरस्पेस सील, एयर इंडिया और इंडिगो ने यात्रियों के लिए जारी की ट्रैवल एडवाइजरी
अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने किया एयरस्पेस सील, एयर इंडिया और इंडिगो ने यात्रियों के लिए जारी की ट्रैवल एडवाइजरी
दीपक तिजोरी के साथ 2.5 लाख रुपये की ठगी, तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
दीपक तिजोरी के साथ 2.5 लाख रुपये की ठगी, तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
‘बेहद गंभीर और चिंताजनक’, 75% अमेरिकी टैरिफ पर शशि थरूर ने जताई गहरी चिंता
‘बेहद गंभीर और चिंताजनक’, 75% अमेरिकी टैरिफ पर शशि थरूर ने जताई गहरी चिंता
बड़े टकराव का खतरा? ईरान ने ट्रंप की चेतावनी को ठुकराया, कहा हमला हुआ तो अमेरिकी बेस होंगे निशाना
बड़े टकराव का खतरा? ईरान ने ट्रंप की चेतावनी को ठुकराया, कहा हमला हुआ तो अमेरिकी बेस होंगे निशाना
Ramayana से रणबीर कपूर-यश के पोस्टर की रिलीज डेट का हुआ खुलासा, राम और रावण की पहली झलक देख थम जाएगी फैंस की धड़कन!
Ramayana से रणबीर कपूर-यश के पोस्टर की रिलीज डेट का हुआ खुलासा, राम और रावण की पहली झलक देख थम जाएगी फैंस की धड़कन!
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 अकेले लड़ेंगे, बसपा अध्यक्ष मायावती ने 70वें जन्मदिन पर दोहराया
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 अकेले लड़ेंगे, बसपा अध्यक्ष मायावती ने 70वें जन्मदिन पर दोहराया
पलाश के पेड़ से निकलने वाला लाल गोंद, जानिए शरीर और स्वास्थ्य के लिए इसके चमत्कारी लाभ
पलाश के पेड़ से निकलने वाला लाल गोंद, जानिए शरीर और स्वास्थ्य के लिए इसके चमत्कारी लाभ
पानी की कमी से शरीर में हो सकती है ये गंभीर बीमारी, अचानक उठता है पेट और कमर में तेज दर्द
पानी की कमी से शरीर में हो सकती है ये गंभीर बीमारी, अचानक उठता है पेट और कमर में तेज दर्द
शरीर खुद करेगा डिटॉक्स, बस रोज़मर्रा की आदतों में करना होगा यह बदलाव
शरीर खुद करेगा डिटॉक्स, बस रोज़मर्रा की आदतों में करना होगा यह बदलाव
हिमाचल प्रदेश: सिरमौर में देर रात सिलेंडर विस्फोट से भीषण अग्निकांड, एक ही परिवार के 6 सदस्यों की दर्दनाक मौत
हिमाचल प्रदेश: सिरमौर में देर रात सिलेंडर विस्फोट से भीषण अग्निकांड, एक ही परिवार के 6 सदस्यों की दर्दनाक मौत
शाहरुख के बाद सलमान खान को भी बताया देशद्रोही, अखिलेश यादव ने यूपी सरकार के मंत्री को घेरा
शाहरुख के बाद सलमान खान को भी बताया देशद्रोही, अखिलेश यादव ने यूपी सरकार के मंत्री को घेरा
‘हिम्मत है तो आ…’ बॉर्डर 2 से पहले सनी देओल का दमदार बयान, सुनते ही रोंगटे खड़े कर देगा
‘हिम्मत है तो आ…’ बॉर्डर 2 से पहले सनी देओल का दमदार बयान, सुनते ही रोंगटे खड़े कर देगा
लालू यादव को भारत रत्न देने की मांग तेज, पोस्टरों में बताया ‘गरीबों का मसीहा’
लालू यादव को भारत रत्न देने की मांग तेज, पोस्टरों में बताया ‘गरीबों का मसीहा’