व्हाइट हाउस के बाहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी ने पूरे इलाके को दहला दिया। राष्ट्रपति परिसर के पास फायरिंग की आवाज सुनते ही सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं और कुछ ही मिनटों में पूरा क्षेत्र हाई अलर्ट जोन में बदल गया। घटना के वक्त कई पत्रकार वहां मौजूद थे और लाइव रिपोर्टिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक महिला पत्रकार का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह रिकॉर्डिंग करते-करते अचानक गोलियों की आवाज सुनकर घबराकर नीचे झुकती और सुरक्षित जगह की ओर भागती दिखाई देती हैं।
घटना के बाद व्हाइट हाउस परिसर में मौजूद मीडिया कर्मियों और कर्मचारियों के बीच डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा अधिकारियों ने तुरंत सभी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई शुरू की। कुछ ही देर में पूरे इलाके को घेर लिया गया और भारी हथियारों से लैस सुरक्षाबलों को तैनात कर दिया गया।
लाइव वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान मचा हड़कंपसोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला पत्रकार अपने फोन से रिपोर्टिंग कर रही थीं। तभी अचानक तेज आवाज के साथ गोलियां चलने लगती हैं। फायरिंग शुरू होते ही वह घबराकर नीचे झुक जाती हैं और आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन जाती है। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एबीसी न्यूज की पत्रकार सेलिना वांग ने घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने बताया कि वह व्हाइट हाउस के नॉर्थ लॉन में अपने आईफोन से वीडियो रिकॉर्ड कर रही थीं, तभी अचानक लगातार गोलियों की आवाज सुनाई दी। उनके अनुसार, ऐसा महसूस हो रहा था जैसे एक साथ कई राउंड फायर किए गए हों। उन्होंने लिखा कि सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत सभी पत्रकारों को प्रेस ब्रीफिंग रूम की ओर भागने के निर्देश दिए, जहां उन्हें सुरक्षित रखा गया।
ओवल ऑफिस में मौजूद थे राष्ट्रपति ट्रंपफायरिंग की यह घटना उस समय हुई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में मौजूद थे। जानकारी के अनुसार, वह उस समय ईरान से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे। जैसे ही गोलीबारी की खबर मिली, सीक्रेट सर्विस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी।
सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप को तुरंत अतिरिक्त सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और व्हाइट हाउस के आसपास मौजूद सभी गतिविधियों पर नजर रखी जाने लगी। घटना के बाद कुछ समय तक परिसर में किसी भी तरह की आवाजाही सीमित कर दी गई।
पूरे इलाके में बढ़ा सुरक्षा घेराफायरिंग की सूचना मिलते ही अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने नॉर्थ लॉन में मौजूद पत्रकारों और कर्मचारियों को तुरंत वहां से हटाया। मीडिया कर्मियों को सुरक्षित रूप से प्रेस ब्रीफिंग रूम में पहुंचाया गया। इसके बाद कई इलाकों को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, काउंटर-स्नाइपर यूनिट्स को भी सक्रिय कर दिया गया था। कई सुरक्षाकर्मी बुलेटप्रूफ जैकेट और भारी हथियारों के साथ इलाके में तैनात नजर आए। सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास मौजूद संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच शुरू कर दी।
इस गोलीबारी में एक राहगीर के घायल होने की खबर भी सामने आई है। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक उसकी स्थिति को लेकर कोई विस्तृत जानकारी जारी नहीं की है।
कैसे शुरू हुई पूरी घटना?प्रारंभिक जांच के अनुसार, शाम करीब 6 बजे एक संदिग्ध व्यक्ति व्हाइट हाउस के वेस्ट साइड गेट के पास पहुंचा। कुछ देर बाद सीक्रेट सर्विस की टीम ने उसे 17वीं स्ट्रीट नॉर्थवेस्ट के आसपास संदिग्ध गतिविधियां करते हुए देखा। बताया जा रहा है कि करीब 6 बजकर 10 मिनट पर उसने अचानक अपने पास मौजूद हथियार निकाला और फायरिंग शुरू कर दी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर के पास हैंडगन थी और उसने व्हाइट हाउस के पास कई राउंड गोलियां चलाईं। गोली चलने की आवाज सुनते ही इलाके में मौजूद लोग इधर-उधर भागने लगे और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया।
कुछ ही सेकंड में सीक्रेट सर्विस की कार्रवाईफायरिंग शुरू होते ही अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने तेजी से जवाबी कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षाकर्मियों ने कुछ ही सेकंड के भीतर हमलावर को घेर लिया और उसे मार गिराया। इसके बाद पूरे इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया और जांच एजेंसियों ने घटनास्थल से सबूत जुटाने शुरू कर दिए।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमलावर का मकसद क्या था और क्या वह अकेले इस वारदात को अंजाम देने आया था या उसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क का हाथ था। जांच के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।