वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के समीप भारतीय पर्यटकों को लेकर जा रही एक स्पीडबोट शनिवार को समुद्र में पलट गई। इस दुर्घटना के बाद राहत और बचाव अभियान तुरंत शुरू कर दिया गया। हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है और यात्रियों की स्थिति का पता लगाने के लिए अभियान जारी है। प्रभावित लोगों की सहायता के लिए भारतीय मिशन ने विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित किए हैं।
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि फु क्वोक आइलैंड के पास भारतीय पर्यटकों को ले जा रही नाव के पलटने की घटना बेहद दुखद है। दूतावास ने बताया कि हादसे से जुड़ी सटीक जानकारी जुटाने के लिए वियतनाम के स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बना हुआ है। साथ ही जरूरतमंद लोगों और उनके परिजनों की मदद के लिए हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास और हनोई स्थित भारतीय दूतावास में हेल्पलाइन सुविधा शुरू की गई है।
दूतावास की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबरों में +84 36 281 7930, +84 91 552 37 14 और +84 33 452 0414 शामिल हैं। इसके अलावा हनोई स्थित कंट्रोल रूम से +84 91 308 9165 पर भी संपर्क किया जा सकता है। भारतीय मिशन ने कहा है कि किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए अधिकारी चौबीसों घंटे उपलब्ध हैं।
स्पीडबोट में 36 लोग थे सवारप्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे का शिकार हुई स्पीडबोट में कुल 36 लोग मौजूद थे। इनमें 32 पर्यटक और चार चालक दल के सदस्य शामिल थे। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक दुर्घटना में करीब 15 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि 21 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि अंतिम आंकड़ों की पुष्टि बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही की जाएगी।
समुद्र में कैसे पलटी नाव?फु क्वोक विशेष आर्थिक क्षेत्र के अधिकारियों के अनुसार यह हादसा स्थानीय समयानुसार शनिवार दोपहर करीब एक बजे हुआ। ओशन पीयर आइलैंड कंपनी की स्पीडबोट होन थॉम (Hon Thom) मार्ग से आन थोई (An Thoi) बंदरगाह की ओर पर्यटकों को लेकर जा रही थी। इसी दौरान न्गोई क्षेत्र से लगभग 400 मीटर पहले अचानक नाव असंतुलित होकर पलट गई और उसमें सवार सभी लोग समुद्र में जा गिरे।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद पर्यटक नौकाएं तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया। बचाव अभियान में शामिल एक नाव संचालक ने बताया कि उनकी टीम लगभग पांच मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच गई थी। हालांकि पलटी हुई स्पीडबोट के भीतर कई लोग फंसे होने के कारण राहत कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। सीमित समय में केवल कुछ यात्रियों को ही बेहोशी की हालत में बाहर निकाला जा सका।
ऊंची लहरों ने बढ़ाई मुश्किलेंप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही थीं, जिससे बचाव अभियान प्रभावित हुआ। हालांकि मौसम साफ था और बारिश नहीं हो रही थी। समुद्र में अन्य पर्यटक नौकाओं का संचालन भी सामान्य रूप से जारी था, लेकिन तेज लहरों के कारण राहतकर्मियों को यात्रियों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित निकालने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। फिलहाल स्थानीय प्रशासन और बचाव एजेंसियां लापता लोगों की तलाश में अभियान जारी रखे हुए हैं, जबकि भारतीय दूतावास पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।