UNGA में पेजेश्कियान के भाषण के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का वॉकआउट, ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका पर साधा निशाना

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के संबोधन के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने असेंबली हॉल छोड़ दिया। यह घटनाक्रम 23 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में हुआ। पेजेश्कियान ने अपने भाषण में अमेरिका और इजरायल पर ईरान में आम नागरिकों और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईरान दबाव के आगे झुकेगा नहीं, लेकिन संघर्ष खत्म करने के लिए बातचीत और कूटनीति के लिए तैयार है।

पेजेश्कियान के भाषण के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल बाहर निकला


रॉयटर्स के अनुसार, पेजेश्कियान के भाषण की शुरुआत में ही अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त राष्ट्र महासभा का हॉल छोड़ दिया। अमेरिकी मिशन ने इस घटनाक्रम पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।

पेजेश्कियान ने अपने संबोधन में ईरान को आतंकवाद का पीड़ित बताया और अमेरिका तथा इजरायल पर हमलों में नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। ये आरोप ईरानी राष्ट्रपति के बयान हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

ट्रंप के बयान का पेजेश्कियान ने दिया जवाब


पेजेश्कियान का भाषण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के UNGA संबोधन के एक दिन बाद हुआ। आजतक के अनुसार, ट्रंप ने अपने संबोधन में ईरान को आतंकवाद का प्रमुख प्रायोजक बताया था और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी रुख स्पष्ट किया था। इसके जवाब में पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान खुद आतंकवाद का शिकार रहा है।

पेजेश्कियान ने ईरान में एक स्कूल पर हुए हमले का भी उल्लेख किया और बच्चों की तस्वीरें दिखाते हुए हमले में नागरिकों के मारे जाने का दावा किया। उनके अनुसार, अमेरिका और इजरायल के हथियारों से हुए हमलों में ईरानी नागरिकों की मौत हुई है।
परमाणु कार्यक्रम पर क्या बोले पेजेश्कियान?

ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि परमाणु ऊर्जा और शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक का इस्तेमाल करना ईरान का अधिकार है। उन्होंने परमाणु हथियार हासिल करने की इच्छा से इनकार करते हुए शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक जारी रखने की बात कही।

पेजेश्कियान ने यह भी कहा कि ईरान युद्ध में आत्मसमर्पण नहीं करेगा। हालांकि, उन्होंने बातचीत और कूटनीति के जरिए संघर्ष खत्म करने की संभावना पर भी जोर दिया। रॉयटर्स के मुताबिक, उन्होंने कहा कि ईरान दबाव या ताकत की भाषा स्वीकार किए बिना बातचीत के लिए तैयार है।

होर्मुज जलडमरूमध्य का भी किया जिक्र


पेजेश्कियान ने अपने भाषण में होर्मुज जलडमरूमध्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सभी को इस जलमार्ग से लाभ मिलता है, जबकि ईरान को इससे होने वाले समुद्री आवागमन से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में युद्ध का विस्तार और विरोधी नौसैनिक बलों की स्थायी तैनाती शांति नहीं ला सकती।

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच UNGA में आमने-सामने आए दोनों पक्ष

पेजेश्कियान का UNGA भाषण ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष और कूटनीतिक तनाव जारी है। इससे एक दिन पहले ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरान को लेकर अमेरिकी रुख रखा था। वहीं, पेजेश्कियान ने अगले दिन ईरान का पक्ष रखा और बातचीत के लिए दरवाजा खुला रखने की बात कही।