अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अलास्का में हुई मुलाक़ात ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यह बैठक केवल कूटनीतिक वार्ता तक सीमित नहीं रही, बल्कि अमेरिकी शक्ति प्रदर्शन का मंच भी बन गई। रेड कार्पेट पर दोनों नेताओं के साथ चलते ही आसमान में अचानक अमेरिकी वायुसेना का बी-2 स्टील्थ बॉम्बर गूंज उठा। उसकी तेज़ दहाड़ और निकटता इतनी अप्रत्याशित थी कि पुतिन की नज़रें अनायास ही आकाश की ओर उठ गईं।
सोशल मीडिया पर इस घटना के कई वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहे हैं। इनमें साफ़ देखा जा सकता है कि जैसे ही पुतिन विमानों की तरफ देखते हैं, ट्रंप मुस्कुराते हुए उनका ध्यान वापस अपनी ओर मोड़ते हैं। इसी दौरान एफ-22 रैप्टर जेट भी आसमान में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे थे। दोनों नेता इसके बाद लिमोज़ीन में बैठकर बातचीत स्थल की ओर रवाना हो गए।
बैठक का मुख्य उद्देश्ययह बैठक अलास्का स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर आयोजित की गई थी। इसका औपचारिक मक़सद रूस और यूक्रेन के बीच शांति स्थापित करने के प्रयासों को आगे बढ़ाना था। बातचीत शुरू होने से पहले ट्रंप ने मीडिया से कहा था कि वे यहां यूक्रेन की तरफ़ से बातचीत करने नहीं, बल्कि दोनों पक्षों को एक ही मेज़ पर लाने के लिए मौजूद हैं। उनका कहना था कि बैठक पूरी होने के बाद यूक्रेन को भी अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।
बी-2 स्टील्थ बॉम्बर की ताक़तबी-2 बॉम्बर को अमेरिकी सैन्य शक्ति का प्रतीक माना जाता है। यह विमान पिछले 30 सालों से अमेरिका की हवाई क्षमता का सबसे अहम हिस्सा रहा है। नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन द्वारा निर्मित यह स्टील्थ बॉम्बर अपनी अदृश्यता और ताक़त के कारण दुश्मन की सबसे मज़बूत सुरक्षा घेरों को भी तोड़ने में सक्षम है।
हाल ही में ईरान के परमाणु ठिकानों पर हज़ारों किलो वज़न के बम गिराने के बाद यह विमान फिर सुर्खियों में आया। इसकी पहली उड़ान 1989 में हुई थी और तब से अब तक यह अमेरिका के सबसे भरोसेमंद और टिकाऊ सैन्य संसाधनों में गिना जाता है। यही कारण है कि इसे दुनिया का सबसे घातक और प्रभावशाली विमान कहा जाता है।