अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। उनके अनुसार, ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर जारी हिंसक कार्रवाई को रोक दिया है। अब गोलीबारी और फांसी देने जैसी घटनाओं पर फिलहाल विराम लग गया है।
ट्रंप ने हाल ही में ईरान के प्रदर्शनकारियों को संदेश दिया था कि उन्हें जल्द मदद मिलेगी। इसके बाद दुनिया भर में ईरान पर संभावित सैन्य या कूटनीतिक कार्रवाई के अनुमान लगाए जाने लगे। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किस प्रकार की मदद की बात कर रहे थे।
ट्रंप के बयान का सारडोनाल्ड ट्रंप ने कहा, हमें जानकारी मिली है कि ईरान में हत्याओं का सिलसिला रोक दिया गया है। अब कोई हिंसा नहीं हो रही है और ईरान पर तत्काल कोई कार्रवाई करने की योजना नहीं है।
इससे पहले ट्रंप ने ईरान में हो रही हत्याओं को गंभीर बताते हुए चिंता जताई थी। इसके तुरंत बाद उन्होंने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बैठक की, जिसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश सचिव मार्को रुबियो और व्हाइट हाउस के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
ईरान की प्रतिक्रिया और चेतावनीअमेरिकी मानवाधिकार समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरानी हिंसा में अब तक 2,586 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए जा चुके हैं और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या इजरायल उनके आंतरिक मामलों में दखल देंगे, तो इसके परिणाम गंभीर और भयानक हो सकते हैं।
अमेरिका और इजरायल पर लगाए गए आरोपईरानी सेना के अधिकारी मोहम्मद पाकपोर ने दावा किया कि ईरान में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका और इजरायल का हाथ है। उन्होंने कहा कि इन विदेशी हस्तक्षेपों ने हिंसा को भड़काया और इसके चलते कई प्रदर्शनकारी और सुरक्षा बल दोनों हताहत हुए। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया।