ट्रंप का दवाओं पर 200% टैरिफ लगाने का प्लान, भारत की जेनेरिक दवा इंडस्ट्री पर कितना असर?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दवाओं के आयात पर कड़ा रुख अपनाने का संकेत दिया है। उनका कहना है कि आयातित दवाओं पर 200% या उससे भी अधिक टैरिफ लगाया जा सकता है। ट्रंप का तर्क है कि इस फैसले से दवा निर्माण को अमेरिका के भीतर फिर से बढ़ावा मिलेगा और घरेलू उद्योग को मजबूती मिलेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि कंपनियों को इस बदलाव के लिए तैयारी का अवसर देने हेतु टैरिफ लागू करने में लगभग 12 से 18 महीने का समय दिया जाएगा।

भारत की चिंता बढ़ी

आर्थिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह फैसला भारत के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। भारत दुनिया में जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता माना जाता है। यदि अमेरिका में इतना भारी शुल्क लागू होता है, तो भारतीय दवा कंपनियों को गंभीर नुकसान झेलना पड़ सकता है और अमेरिकी बाज़ार में उनकी हिस्सेदारी प्रभावित हो सकती है।

असली निशाने पर कौन?

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन का सबसे बड़ा ध्यान चीन पर केंद्रित है। दवाओं और उनके कच्चे माल (Active Pharmaceutical Ingredients – APIs) का बड़ा हिस्सा चीन से आता है। माना जा रहा है कि इस टैरिफ नीति का प्राथमिक उद्देश्य चीन पर दबाव बनाना है, लेकिन इसके असर से भारत जैसे देशों की दवा उद्योग पर भी नकारात्मक छाया पड़ सकती है।