प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार (29 अगस्त 2025) को अपनी चार दिवसीय जापान-चीन यात्रा के तहत जापान की राजधानी टोक्यो पहुंच गए। जापान में कदम रखते ही उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “मैं टोक्यो पहुंच गया हूं। भारत और जापान अपने विकासात्मक सहयोग को लगातार मजबूत कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री इशिबा और अन्य प्रतिनिधियों से मिलने के लिए उत्सुक हूं, जिससे मौजूदा साझेदारियों को और मजबूती मिले और नए सहयोग के अवसर तलाशे जा सकें।”
जापान पहुंचते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। भारतीयों ने उन्हें गर्मजोशी से स्वागत किया, जबकि मोदी ने अभिवादन स्वीकार कर उनकी भावनाओं को सराहा। विदेश यात्राओं के दौरान भारतीय प्रवासियों से संवाद मोदी की कूटनीति का अहम हिस्सा रहे हैं, जिससे पीपुल-टू-पीपुल कनेक्ट और मजबूत होता है।
व्यापार, निवेश और चीन के साथ संबंधों पर ध्यानप्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का मुख्य फोकस जापान के साथ व्यापार और निवेश के संबंधों को और मजबूत करना है। इसके साथ ही चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य करने के कदम भी इस यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका की व्यापार और शुल्क नीतियों के कारण भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव देखने को मिला है।
मोदी ने यात्रा शुरू करने से पहले कहा था कि उन्हें विश्वास है कि यह दौरा “राष्ट्रीय हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक शांति, सुरक्षा और सतत विकास में सार्थक सहयोग के निर्माण में योगदान देगा।”
जापान में शिखर वार्ता और निवेश समझौतेपीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पीएम मोदी जापान में 2 दिवसीय दौरे के दौरान प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ वार्षिक शिखर वार्ता करेंगे। यात्रा के पहले दिन होने वाली इस वार्ता में उम्मीद जताई जा रही है कि जापान भारत में अपने निवेश लक्ष्य को दोगुना करने का वादा करेगा। इसके अलावा, रक्षा, प्रौद्योगिकी और अन्य कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है।
इस दौरे के जरिए भारत और जापान के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नया आयाम मिलने की उम्मीद है, जबकि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी भी और मजबूत होगी।