उत्तरी जापान में भीषण बर्फबारी, 35 लोगों की मौत और भारी नुकसान

टोक्यो: उत्तरी जापान में पिछले दो हफ्तों से जारी भीषण बर्फबारी ने पूरे क्षेत्र में तबाही मचा दी है। इस घातक मौसम के चलते अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है। ज्यादातर मौतें अचानक दिल का दौरा पड़ने या घरों की छतों से बर्फ हटाते समय फिसलने के कारण हुई हैं।

कई इलाकों में बर्फ की मोटाई 2 मीटर तक

जापानी अधिकारियों के अनुसार बुधवार तक 15 प्रीफेक्चर्स बर्फबारी से प्रभावित हुए हैं। सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में बर्फ की मोटाई लगभग 2 मीटर (6.5 फीट) तक पहुँच चुकी है। निगाता प्रीफेक्चर में सबसे ज्यादा 12 मौतें दर्ज की गईं, जो उत्तर जापान का प्रमुख चावल उत्पादक क्षेत्र है। उओनुमा शहर में 50 वर्षीय एक व्यक्ति 21 जनवरी को घर की छत से फिसलकर गिरने से मारा गया। वहीं, नागाओका शहर में 70 वर्षीय एक व्यक्ति घर के बाहर गिरे पाए गए और अस्पताल पहुंचने पर उनकी मौत हो गई। इनके अलावा अकिता प्रीफेक्चर में 7 और यमागाता में 5 मौतें हुई हैं।

भूस्खलन और फिसलन का खतरा बढ़ा

भारी बर्फबारी के कारण भूस्खलन और फिसलन की घटनाएँ भी बढ़ गई हैं। अब तक 393 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 126 गंभीर रूप से घायल हैं। निगाता में 42 लोग घायल हुए। इसके अलावा 14 घर क्षतिग्रस्त हुए, जिनमें निगाता में 3 और अओमोरी में 8 घर शामिल हैं। मुख्य कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा ने चेतावनी दी है कि जैसे-जैसे मौसम गर्म होगा और बर्फ पिघलेगी, भूस्खलन और फिसलन का खतरा और बढ़ेगा। उन्होंने लोगों से बर्फ हटाते समय हेलमेट पहनने और लाइफलाइन रस्सी का उपयोग करने की सलाह दी।

20 जनवरी से शुरू हुई बर्फबारी

इस भारी बर्फबारी का सिलसिला 20 जनवरी से शुरू हुआ। मौतों और दुर्घटनाओं के कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन सर्दियों में जापान में बर्फ से जुड़ी दुर्घटनाएँ आम हैं। पिछले साल सर्दियों के छह महीनों में 68 लोगों की मौत हुई थी (फायर एंड डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी)। आगामी वीकेंड में और भी भारी बर्फबारी की संभावना है। इस कारण सेल्फ-डिफेंस फोर्सेस (सेना) को बर्फ हटाने और फंसे लोगों को बचाने के लिए तैनात किया गया है। अधिकारियों ने छतों से बर्फ गिरने, भूस्खलन और बिजली कटौती के खतरे के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है।

40 साल में सबसे ज्यादा बर्फ

इस बार की बर्फबारी जापान के सी ऑफ जापान तट वाले क्षेत्रों (जैसे निगाता, अकिता, अओमोरी) में केंद्रित है, जहाँ साइबेरियन हवाओं की वजह से रिकॉर्ड स्तर की बर्फबारी हुई है। अओमोरी में 183 सेंटीमीटर बर्फ जमा हुई, जो पिछले 40 वर्षों में सबसे ज्यादा है। सरकार ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं, लेकिन मौसम की चेतावनी अभी भी जारी है।