मध्य-पूर्व में जारी टकराव के बीच ईरान से आई एक खबर ने पूरे देश को गहरे शोक में डुबो दिया। अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के मारे जाने की सूचना प्रसारित होते ही देशभर में मातम फैल गया। जैसे ही यह घोषणा सार्वजनिक हुई, ईरानी समाज में भावनाओं का ज्वार उमड़ पड़ा और जगह-जगह लोग अपने “रहबर” को श्रद्धांजलि देने के लिए जुटने लगे।
ईरानी सरकारी चैनल Press TV पर जब एंकर ने गंभीर आवाज में खामेनेई के निधन की खबर पढ़ी, तो माहौल स्तब्ध हो गया। टीवी स्क्रीन पर चल रही ब्रेकिंग न्यूज़ के साथ शोक संगीत और धीमी आवाज में पढ़ा गया बयान पूरे देश में गूंज उठा। घोषणा के कुछ ही पलों में मशहद स्थित इमाम रज़ा के पवित्र तीर्थस्थल का दृश्य बदल गया—जहां सामान्य दिनों में इबादत और शांति का वातावरण रहता है, वहां अचानक आंसुओं और सिसकियों की आवाजें सुनाई देने लगीं।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में इमाम रज़ा की दरगाह पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दिखाई दिए, जो खामेनेई की मौत की खबर सुनकर भावुक हो उठे। कई लोग मजार से लिपटकर रोते नजर आए, तो कुछ जमीन पर बैठकर दुआएं मांगते दिखे। माहौल इतना भावनात्मक था कि कई लोग बेसुध होकर गिर पड़े। श्रद्धालुओं की भीड़ में मातम, प्रार्थना और आक्रोश—तीनों भाव एक साथ दिखाई दे रहे थे।
घोषणा के कुछ ही मिनटों बाद राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए। हाथों में तस्वीरें और बैनर लिए समर्थक अपने नेता को श्रद्धांजलि देने लगे। जगह-जगह शोक सभाएं आयोजित की गईं और मस्जिदों में विशेष प्रार्थनाएं की गईं। सरकार ने आधिकारिक तौर पर 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक और 7 दिनों के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की, ताकि देशभर में लोग शांति और सम्मान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें।
परिवार के सदस्यों की भी मौतरिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में खामेनेई के परिवार के कई सदस्य भी मारे गए। सरकारी मीडिया के हवाले से बताया गया कि उनकी बेटी, पोती, बहू और दामाद की भी जान चली गई। इस खबर ने शोक की तीव्रता को और बढ़ा दिया, क्योंकि इसे केवल एक राजनीतिक क्षति नहीं, बल्कि एक पारिवारिक त्रासदी के रूप में भी देखा जा रहा है।
ईरानी रक्षा नेतृत्व पर भी बड़ा झटकाइस घटनाक्रम से पहले Israel Defense Forces (IDF) ने दावा किया था कि उसने ईरान के रक्षा ढांचे को निशाना बनाते हुए शीर्ष सैन्य नेतृत्व के सात वरिष्ठ अधिकारियों को मार गिराया है। IDF ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट X पर पोस्ट कर कहा कि इजरायली वायुसेना ने ईरान के विभिन्न सैन्य ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए।
मारे गए अधिकारियों में अली शमखानी, मोहम्मद पाकपुर, सालेह असदी, मोहम्मद शिराजी, अजीज नासिरजादेह, हुसैन जबल अमेलियन और रजा मुजफ्फर-निया के नाम शामिल बताए गए। इस दावे ने पहले ही क्षेत्रीय तनाव को चरम पर पहुंचा दिया था और खामेनेई की मौत की खबर ने हालात को और अधिक संवेदनशील बना दिया।