'अगर मेरी हत्या हुई तो ईरान का नामोनिशान मिटा देंगे', डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद सख्त और तीखी चेतावनी दी है। शुक्रवार को दिए गए एक बयान में उन्होंने कहा कि यदि ईरान उनकी हत्या करने में सफल होता है, तो उन्होंने पहले से ही ऐसी सैन्य कार्रवाई के निर्देश दे रखे हैं, जिसकी तीव्रता पहले कभी नहीं देखी गई होगी। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी संभावित हमले का जवाब बेहद विनाशकारी होगा और ईरान को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।

'द न्यूयॉर्क पोस्ट' को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान कई वर्षों से उन्हें अपना निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से ईरानी नेतृत्व की हिट लिस्ट में शामिल रहे हैं। ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पहले ही निर्देश दे दिए हैं कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो ईरान के खिलाफ ऐसा जवाबी हमला किया जाए, जिसे दुनिया ने पहले कभी न देखा हो। उनका कहना था कि अमेरिका किसी भी खतरे का जवाब पूरी ताकत के साथ देगा।

इजरायल की खुफिया जानकारी संबंधी दावों को किया खारिज

बातचीत के दौरान ट्रंप से उन मीडिया रिपोर्टों के बारे में भी सवाल किया गया, जिनमें दावा किया गया था कि इजरायल ने अमेरिका के साथ ईरान की ओर से उनकी हत्या की एक नई साजिश से जुड़ी खुफिया जानकारी साझा की है। हालांकि ट्रंप ने इन दावों को पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने कहा कि इजरायल के पास ऐसी कोई विशेष जानकारी नहीं थी और इस तरह की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। उनके इस बयान के बाद उन अटकलों पर भी विराम लगाने की कोशिश की गई, जिनमें नई साजिश का दावा किया जा रहा था।
जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद से बढ़ा तनाव

गौरतलब है कि जनवरी 2020 में ट्रंप के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत हुई थी। इसके बाद से ईरान कई बार सार्वजनिक रूप से बदला लेने की बात कह चुका है और ट्रंप के खिलाफ तीखे बयान देता रहा है। दोनों देशों के बीच उसी समय से तनाव लगातार बना हुआ है और समय-समय पर यह और अधिक बढ़ता दिखाई देता है।

हाल के महीनों में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव की घटनाएं तेज हुई हैं, जिससे क्षेत्र में व्यापक युद्ध की आशंकाएं भी बढ़ी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाया, जबकि अमेरिका ने इसके जवाब में सैन्य कार्रवाई की। इसके अलावा ईरान ने मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले भी किए, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और अधिक तनावपूर्ण हो गए।

ट्रंप की हत्या की कथित साजिश पर लगातार आ रही हैं रिपोर्टें


ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में उनकी हत्या की कथित साजिश से जुड़ी कई रिपोर्टें सामने आई हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि इजरायल ने अमेरिका को ईरान की ओर से ट्रंप को निशाना बनाने की एक नई और विशेष योजना के संबंध में खुफिया जानकारी उपलब्ध कराई थी।

समाचार एजेंसी CNN की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही ट्रंप के खिलाफ संभावित खतरों पर नजर बनाए हुए थीं। वहीं, इजरायल की ओर से साझा की गई नई सूचना को पहले की तुलना में अधिक विशिष्ट बताया गया था। दूसरी ओर, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने भी अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया कि खुफिया इनपुट में ट्रंप की हत्या की एक नई साजिश का जिक्र किया गया था। हालांकि, स्वयं ट्रंप ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी किसी नई जानकारी की पुष्टि नहीं हुई है।