वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि पिछले 72 घंटों में अमेरिकी बमवर्षक विमानों ने ईरान के भीतर लगभग 200 महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर सटीक हमले किए हैं। एडमिरल कूपर ने कहा कि इन हमलों ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन हमले करने की क्षमताओं को गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी प्रयास अब पूरी तरह से ईरान की मिसाइल फैक्ट्रियों और संबंधित ढांचों को नष्ट करने पर केंद्रित हैं। कूपर ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशानुसार अमेरिका न केवल मौजूदा हथियारों को बर्बाद कर रहा है, बल्कि उनकी पुनः निर्माण क्षमता को भी समाप्त कर रहा है।
‘बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को किया जा रहा निशाना’गुरुवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडमिरल कूपर ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की विस्तार से जानकारी दी। यह अमेरिकी सैन्य अभियान ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर और अन्य सैन्य ढांचे पर केंद्रित है। कूपर ने कहा, “पिछले 72 घंटों में अमेरिकी बमवर्षकों ने ईरान के भीतर लगभग 200 रणनीतिक लक्ष्यों पर हमले किए हैं। केवल पिछले एक घंटे में ही यूएस बी-2 स्पिरिट बमवर्षकों ने 2000 पाउंड के दर्जनों पेनेट्रेटर बम गिराए, जो गहरे दबे हुए बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को सीधा निशाना बना रहे हैं।”
‘बैलिस्टिक और ड्रोन हमलों में भारी कमी’एडमिरल कूपर ने बताया कि इन सटीक हमलों के कारण ईरान के जवाबी हमलों में भारी गिरावट आई है। उन्होंने कहा, “अगर हम ऑपरेशन की शुरुआत और पिछले 24 घंटों की तुलना करें, तो बैलिस्टिक मिसाइल हमले लगभग 90 प्रतिशत कम हो गए हैं, जबकि ड्रोन हमलों में 83 प्रतिशत की गिरावट आई है। अब तक 30 से अधिक जहाज पूरी तरह नष्ट किए जा चुके हैं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ केवल वर्तमान हमलों तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देशानुसार ईरान के लंबी अवधि के मिसाइल कार्यक्रम को जमींदोज करने की दिशा में काम कर रहा है।
‘ईरान की मिसाइल निर्माण क्षमता को पूरी तरह नष्ट किया जा रहा है’एडमिरल कूपर ने आगे कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने हमें एक महत्वपूर्ण मिशन सौंपा है – ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल इंडस्ट्री को पूरी तरह तबाह करना। हम केवल उनके मौजूदा हथियारों को नहीं नष्ट कर रहे, बल्कि उनकी दोबारा निर्माण करने की क्षमता को भी खत्म कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य ईरान की मिसाइल निर्माण क्षमता को व्यवस्थित रूप से समाप्त करना है और यह कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।”
यह भी याद दिला दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त हमला करते हुए ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई सहित कई शीर्ष नेताओं को मार गिराया था। इसके जवाब में ईरान ने कई अरब देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिससे क्षेत्रीय तनाव और सैन्य संघर्ष ने नया रूप ले लिया।