दुनिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन ने सोमवार को एक नया कीर्तिमान रच दिया है। पहली बार इसकी कीमत 1,21,000 डॉलर के स्तर को पार कर गई है, जो क्रिप्टोकरेंसी इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी उछाल मानी जा रही है। 2.75 प्रतिशत की इस ताजा तेजी के साथ बिटकॉइन का बाजार पूंजीकरण अब 2.41 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है, जो इसे वैश्विक स्तर पर एक बेहद प्रभावशाली डिजिटल संपत्ति के रूप में स्थापित करता है।
60 अरब डॉलर से अधिक का ट्रेडिंग वॉल्यूमबिटकॉइन की यह रिकॉर्ड तेजी केवल संख्या का खेल नहीं है, बल्कि इसमें निवेशकों की गहरी दिलचस्पी भी परिलक्षित होती है। कॉइनमार्केटकैप के अनुसार, अब तक के कारोबार में ट्रेडिंग वॉल्यूम 60 अरब डॉलर से अधिक दर्ज की गई है। साल की शुरुआत से अब तक बिटकॉइन की कीमत में 29 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है, जिससे यह स्पष्ट है कि क्रिप्टो में निवेशकों की वापसी हो रही है, खासकर बड़े और संस्थागत निवेशकों की।
एथेरियम ने भी पकड़ी रफ्तारबिटकॉइन की बढ़त के साथ ही दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी एथेरियम की कीमत भी 3.28 प्रतिशत बढ़कर 3,054.96 डॉलर पर पहुंच गई है। इसका मार्केट कैप 368.77 अरब डॉलर और ट्रेडिंग वॉल्यूम 21.62 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। यह आंकड़े दिखाते हैं कि पूरा क्रिप्टो बाजार एक नई उछाल के दौर में प्रवेश कर चुका है।
संस्थागत निवेश बना तेजी का इंजनबिटकॉइन की इस ऐतिहासिक रफ्तार के पीछे खुदरा निवेशकों के बजाय संस्थागत निवेशकों का हाथ माना जा रहा है। सीआईएफडीएक्यू के संस्थापक और अध्यक्ष हिमांशु मराडिया के अनुसार, संस्थागत मांग बिटकॉइन के मूल्यवृद्धि का प्रमुख चालक बनी हुई है। अमेरिकी बिटकॉइन ईटीएफ में अब तक 50 अरब डॉलर से अधिक का शुद्ध निवेश हो चुका है। अकेले ब्लैकरॉक ने 65 अरब डॉलर से अधिक का बिटकॉइन अपने पास रखा है।
कॉर्पोरेट ट्रेजरी में बिटकॉइन को शामिल करने की प्रवृत्ति भी लगातार बढ़ रही है। इससे यह स्पष्ट है कि डिजिटल एसेट्स को अब जोखिम भरे निवेश नहीं, बल्कि स्थायी पोर्टफोलियो का हिस्सा माना जा रहा है।
अमेरिका की नीति और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां भी योगदानकर्तामराडिया का कहना है कि अमेरिकी प्रशासन के क्रिप्टो समर्थक रुख और ईटीएफ अप्रूवल के मानदंडों में ढील ने निवेशकों का भरोसा और बढ़ाया है। राष्ट्रपति ट्रम्प प्रशासन की रणनीति बिटकॉइन को एक रणनीतिक रिजर्व के रूप में देखने की रही है, जिससे नीतिगत समर्थन मिल रहा है।
इसके अलावा कमजोर अमेरिकी डॉलर, बढ़ती सरकारी ट्रेजरी मांग और सॉवरेन क्रेडिट डाउनग्रेड जैसी वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों ने भी बिटकॉइन को हेज एसेट के रूप में मजबूती दी है।
बिटकॉइन अब मुख्यधारा की संपत्तिबिटकॉइन को लेकर सबसे अहम बदलाव यह है कि अब इसे केवल एक सट्टात्मक निवेश के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि एक मुख्यधारा की संपत्ति माना जा रहा है। कॉइनबेस का एसएंडपी 500 में शामिल होना और नियामकीय स्पष्टता में सुधार, दोनों ही बिटकॉइन को अधिक वैध और विश्वसनीय बना रहे हैं।
मराडिया के मुताबिक, बिटकॉइन की स्थिति कभी इतनी मजबूत नहीं रही। यह पूरी तेजी खुदरा निवेशकों के कारण नहीं, बल्कि विविध निवेश पोर्टफोलियो में डिजिटल एसेट्स की बढ़ती भूमिका का संकेत है।
बिटकॉइन की ऐतिहासिक उछाल न केवल क्रिप्टो बाजार में नई जान फूंक रही है, बल्कि यह संकेत भी दे रही है कि डिजिटल करेंसी अब सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में एक प्रभावशाली स्तंभ बनने जा रही है। आने वाले दिनों में बिटकॉइन के 1,25,000 डॉलर तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, और अगर ऐसा हुआ तो यह न केवल निवेशकों के लिए बल्कि वित्तीय इतिहास के लिए भी एक नया अध्याय होगा।