गुजरात में बड़ा निवेश करेगा ऑस्ट्रेलिया, CEO फोरम में पीएम मोदी ने आर्थिक साझेदारी को बताया भविष्य की ताकत

ऑस्ट्रेलिया के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेलबर्न में आयोजित भारत-ऑस्ट्रेलिया CEO फोरम को संबोधित करते हुए दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को नई दिशा देने पर जोर दिया। इस दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष उद्योगपतियों, निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों की मौजूदगी में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। ऑस्ट्रेलिया ने गुजरात में बड़े निवेश की योजना का ऐलान किया, जबकि ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने बताया कि दिसंबर में उनके देश का एक वरिष्ठ व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भारत का दौरा करेगा। इसी दौरान गुजरात में ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटियों के कैंपस स्थापित करने की योजना पर भी मुहर लगी।

वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूत होगी भारत-ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी

CEO फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया कई तरह की आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों से गुजर रही है। सप्लाई चेन में व्यवधान और ऊर्जा संकट जैसी परिस्थितियों के बीच भारत और ऑस्ट्रेलिया का विश्वसनीय साझेदार के रूप में साथ आगे बढ़ना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों ने अपनी-अपनी क्षमताओं का प्रभावी उपयोग करते हुए भविष्य के सहयोग की मजबूत नींव रखी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में रिकॉर्ड समय में संपन्न हुआ इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट (ECTA) दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान कर चुका है। इस समझौते के लागू होने के बाद भारत से ऑस्ट्रेलिया को होने वाले निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है और दोनों देशों के कारोबारियों को नए बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिला है।

चार वर्षों में दोगुना हुआ द्विपक्षीय कारोबार

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत होते जा रहे हैं। पिछले चार वर्षों के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग दोगुना हो चुका है। वित्त वर्ष 2020-21 में जहां द्विपक्षीय व्यापार करीब चार अरब अमेरिकी डॉलर था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 8.5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।

इस बढ़ोतरी का प्रमुख कारण ऑस्ट्रेलिया-इंडिया इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट माना जा रहा है। यह समझौता 2 अप्रैल 2022 को दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित हुआ था और 29 दिसंबर 2022 से प्रभावी हुआ। इस व्यापार समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को आसान बनाना है। इसके तहत ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय उत्पादों पर लगने वाले अधिकांश आयात शुल्क में बड़ी राहत दी है, जबकि भारत भी चरणबद्ध तरीके से ऑस्ट्रेलियाई उत्पादों पर शुल्क कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र को दोनों देशों के सहयोग का अहम आधार बताया। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में अग्रणी देशों में शामिल है, जबकि भारत हाइड्रो प्रोजेक्ट, ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर मॉड्यूल और विंड टर्बाइन निर्माण के लिए मजबूत विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर रहा है।

उन्होंने बताया कि भारत ने वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने और 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य तय किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की तकनीक, पूंजी और प्राकृतिक संसाधन भारत की इस ऊर्जा यात्रा को नई गति दे सकते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है और ऑस्ट्रेलिया के विशाल यूरेनियम भंडार इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत के बंदरगाह, हवाई अड्डे, सड़क, रेलवे और शहरी आधारभूत ढांचा जैसे क्षेत्रों में ऑस्ट्रेलिया के दीर्घकालिक निवेशकों के लिए व्यापक अवसर मौजूद हैं।

राज्य स्तर तक बढ़े आर्थिक सहयोग की जरूरत

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते केवल दोनों देशों की राजधानियों या बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्यों, विभिन्न शहरों, विश्वविद्यालयों और उद्योगों के बीच भी प्रत्यक्ष सहयोग को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को राज्य-से-राज्य और सेक्टर-से-सेक्टर साझेदारी की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने के लिए ठोस रणनीति तैयार करनी चाहिए।

उन्होंने विश्वास जताया कि CEO फोरम में हुई चर्चाओं से नए विचार, नई साझेदारियां और दीर्घकालिक निवेश के नए अवसर सामने आएंगे, जिससे दोनों देशों के आर्थिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे।

गुजरात में खुलेंगे ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों के कैंपस

शिक्षा क्षेत्र में भी ऑस्ट्रेलिया ने भारत के साथ सहयोग बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित वोलोंगोंग यूनिवर्सिटी और डीकिन यूनिवर्सिटी ने गुजरात में अपने-अपने कैंपस स्थापित करने की घोषणा की है। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत शिक्षा और कौशल विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन दोनों विश्वविद्यालयों का भारत आना दोनों देशों के शैक्षणिक संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया छात्र आदान-प्रदान की पारंपरिक व्यवस्था से आगे बढ़कर टैलेंट पार्टनरशिप के मॉडल पर काम करें, ताकि दोनों देशों के युवाओं को वैश्विक अवसर मिल सकें।

मेलबर्न में भारतीय समुदाय ने किया भव्य स्वागत


इससे पहले मेलबर्न पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। भारतीय समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में उनका अभिनंदन किया और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया। स्वागत समारोह में प्रसिद्ध तबला वादक डॉ. सैम इवांस और डिडगेरिडू कलाकार ने संयुक्त प्रस्तुति देकर भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम पेश किया।

इसके अलावा ऑस्ट्रेलियन सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा ने 'वंदे मातरम्' की मनमोहक प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात कर उनका अभिवादन स्वीकार किया और उनके उत्साह की सराहना की। प्रधानमंत्री दो दिनों तक ऑस्ट्रेलिया में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद 11 जुलाई को अपने तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण के तहत न्यूजीलैंड के लिए रवाना होंगे।