भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते के बाद भारत ने अमेरिकी आयात पर लगने वाले टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर दिया है। इस डील को लेकर कई अमेरिकी नेताओं ने भारत की सराहना की है। इसी क्रम में अमेरिकी कृषि सचिव ब्रूक रोलिंस ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि यह समझौता अमेरिकी कृषि उत्पादों के भारत में निर्यात को बढ़ावा देगा और अमेरिका के किसानों के लिए लाभकारी साबित होगा।
अमेरिकी कृषि सचिव का बयानब्रूक रोलिंस ने इस समझौते को लेकर कहा कि इससे ग्रामीण अमेरिका में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत के विशाल बाजार में अमेरिकी कृषि उत्पादों की मांग बढ़ेगी। रोलिंस ने 2024 का हवाला देते हुए बताया कि भारत के साथ अमेरिका का कृषि व्यापार घाटा 1.3 अरब डॉलर था। उनका कहना था कि भारत की बढ़ती आबादी अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बाजार है और यह समझौता उस घाटे को कम करने में मददगार होगा।
साथ ही उन्होंने व्हाइट हाउस की एक पोस्ट का जिक्र किया, जिसमें बताया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की और दोनों नेताओं ने रूसी तेल की खरीद बंद करने और अमेरिका से तेल की आपूर्ति बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इसमें संभवतः वेनेजुएला से तेल की खरीद भी शामिल होगी। ट्रंप ने कहा कि इससे यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने में मदद मिलेगी।
भारत ने कृषि उत्पादों पर रखा रुख स्पष्टभारतीय उच्च स्तरीय सूत्रों ने स्पष्ट किया कि इस ट्रेड डील का मतलब यह नहीं है कि भारत अपने कृषि और डेयरी उत्पादों पर किसी समझौते के लिए दबाव में आएगा। मोदी सरकार भारतीय किसानों के हितों पर कोई समझौता नहीं करेगी। कृषि और डेयरी क्षेत्रों के पहले से मौजूद हित अब भी सुरक्षित हैं और आगे भी ऐसे ही बने रहेंगे।
इस डील के तहत भारतीय सामानों पर लगने वाला टैरिफ घटकर 18% कर दिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के अनुरोध और मित्रता के कारण यह समझौता तत्काल प्रभाव से लागू हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और भारत के बीच यह व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित होगा।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रियाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटनाक्रम का स्वागत करते हुए कहा, अपने प्रिय मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से बात करके बहुत अच्छा लगा। अब ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर लगने वाला टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत हो जाएगा। इस शानदार घोषणा के लिए भारत की जनता की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद।
प्रधानमंत्री ने समझौते के व्यापक महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ मिलकर काम करते हैं तो इससे आम जनता को सीधे लाभ मिलता है। इस सहयोग से दोनों देशों के बीच नई साझेदारी और निवेश के अवसर भी खुलेंगे। मैं इस साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए उत्सुक हूं।”