कभी-कभी जिंदगी ऐसे मोड़ पर ले आती है, जहां किसी एक इंसान का साहस कई जिंदगियों को नई सांस दे देता है। ऐसे ही एक पल को कैमरे में कैद किया गया, जिसने सोशल मीडिया पर लाखों दिलों को छू लिया। वायरल हो रहा यह वीडियो हमें यह एहसास कराता है कि हीरो हमेशा फिल्मी पर्दे पर नहीं होते—असली नायक आम लोगों के बीच, बिना किसी पहचान या तमगे के, चुपचाप अपना फर्ज निभा जाते हैं।
इस वीडियो में दिख रहा शख्स घने कोहरे के बीच अपनी जान की परवाह किए बिना रेलवे ट्रैक पर फंसी गायों और भैंसों को बचाने के लिए आगे आता है। हालात बेहद खतरनाक थे, लेकिन उसकी हिम्मत और इंसानियत ने बड़ी अनहोनी को टाल दिया। यही वजह है कि यह वीडियो अब हर तरफ चर्चा में है।
वायरल वीडियो में क्या दिखा?वीडियो की शुरुआत एक रेलवे क्रॉसिंग से होती है, जहां कई गाय और भैंसें ट्रैक के बीच खड़ी नजर आती हैं। चारों ओर इतना घना कोहरा है कि दूर से आती ट्रेन दिखाई देना लगभग नामुमकिन है। क्रॉसिंग का बैरियर पहले से ही नीचे है, जो इस बात का साफ संकेत है कि ट्रेन किसी भी पल वहां पहुंच सकती है।
हैरानी की बात यह है कि आसपास कई लोग मौजूद होते हुए भी सिर्फ तमाशबीन बने खड़े रहते हैं। कोई भी आगे बढ़कर जानवरों को हटाने की हिम्मत नहीं करता। तभी अचानक एक शख्स तेजी से दौड़ता हुआ फ्रेम में आता है। उसके चेहरे पर घबराहट साफ झलकती है। वह वहां खड़े लोगों से नाराज़गी भरे लहजे में कहता है कि सब लोग बस देख रहे हैं, लेकिन कोई भी इन बेजुबानों को बचाने की कोशिश नहीं कर रहा।
इसके बाद वह खुद मोर्चा संभाल लेता है। हाथ हिलाते हुए, जोर-जोर से आवाज लगाकर और बिना रुके, वह एक-एक कर सभी गायों और भैंसों को रेलवे ट्रैक से हटाकर सुरक्षित जगह की ओर ले जाता है। हर पल खतरे से भरा होता है, लेकिन उसका हौसला जरा भी डगमगाता नहीं। वीडियो के आखिर में, जब सभी जानवर सुरक्षित हो जाते हैं, तो वह शख्स राहत की सांस लेते हुए भावुक अंदाज में कहता है—“जय गौ माता।”
सोशल मीडिया पर उमड़ा सम्मान और चिंता, दोनों का सैलाबइस वीडियो ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया बटोरी है। हजारों लोग उस शख्स की बहादुरी और इंसानियत को सलाम कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “यही असली हीरो होते हैं। हर किसी के पास दिखाने के लिए कवच नहीं होता, लेकिन सच्चा साहस दिल में होता है।”
एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, “आज के दौर में जब लोग खुद के बारे में ही सोचते हैं, ऐसे लोग उम्मीद जगाते हैं। जानवरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालना आसान नहीं होता।”
हालांकि, कुछ लोगों ने इस घटना पर चिंता भी जताई। एक यूजर ने सवाल उठाया, “जिस देश में गायों को पूजनीय माना जाता है, वहां ये जानवर सड़कों और रेलवे ट्रैक पर भटकते क्यों नजर आते हैं? अगर हम उनकी सुरक्षा नहीं कर सकते, तो उनकी जिम्मेदारी लेने का दावा क्यों करते हैं?”