दुर्लभ बीमारी की वजह से बिना सिर और दिमाग के पैदा हुई ये बच्ची

कई बार जन्म से बच्चों में गंभीर बिमारी उत्पन्न हो जाती है जिसके कारण उनके शरीर का सही से विकास नहीं हो पाता। ऐसा ही एक मामला कंबोडिया एक छोटे से गाव से आया है जहा दुर्लभ बीमारी के चलते बच्ची का दिमाग और खोपड़ी का भाग जन्म से नहीं है। दिमाग पूरी तरह विकसित नहीं है। सिर के पीछे सूजन है और सिर का आकार काफी बड़ा है। तीन महीने की यह बच्ची जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। मगर इसे देख ना सिर्फ डॉक्टर हैरान हैं। यह बच्ची तीन महीने की है।

इसका नाम अल नीथ है। बच्ची के मां-बाप इतने गरीब हैं कि उसके इलाज के लिए उन्हें घर तक बेचना पड़ा। फिर भी पैसे कम पड़े तो इन्होंने लोगों से भी मदद मांगी। हालांकि, पैसे पूरे ना जुटा पाने की वजह से अस्पताल ने बच्ची को डिसचार्ज कर दिया। इस बच्ची की सांसें चलती रहे इसके लिए एक सर्जरी की जरूरत है। मगर उसके बाद भी वह सामान्य जिंदगी जी पाएगी, कह नहीं सकते।

डॉक्टरों का मानना ​​है कि बच्चे को एनैंसफैली नाम की एक दुर्लभ बीमारी है, जो अमरीका की करीब हर 10,000 गर्भावस्था में से तीन में देखने को मिलती है। हालांकि, इस बीमारी के शिकार होने वाले बच्चों की वास्तविक संख्या ज्ञात नहीं है, क्योंकि अधिकांश मामलों में इसका परिणाम गर्भपात होता है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, अमेरिका में हर 5000 नवजात शिशुओं में से एक के साथ ऐसा होता है। इस बीमारी का कारण अज्ञात है। मगर, कुछ बच्चों को जीन या क्रोमोसोम्स या अन्य कारकों में परिवर्तन के कारण होता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक अनुवांशिक कारणों और गर्भवती महिला के आसपास मौजूद वातावरण की वजह से बच्चे का दिमाग नहीं विकसित हो पाता। गर्भधारण के 23 से 26वें दिन अगर शरीर में कुछ तत्वों की कमी हो तो इसकी संभावना बढ़ जाती है। डॉक्टरों के मुताबिक अगर किसी खानदान में न्यूरल डिसॉर्डर वाले बच्चे का जन्म होता है, तो उस परिवार के अन्य बच्चों में इसकी संभावना 4 से 6 फीसदी तक बढ़ जाती है। वहीं गर्भवती महिला के खानपान में कमी की वजह से भी ऐसा होता है। डॉक्टर अक्सर प्रेग्नेंट महिलाओं को फॉलिक एसिड और विटामिन सप्लिमेंट्स लेने की सलाह देते हैं। फैमिली प्लान करने से दो महीने पहले ही इसे शुरू करना फायदेमंद माना जाता है।