इस वजह से अपने ही बच्चो को पका कर खा गई यह कलयुगी माँ

माँ, एक ऐसा शब्द है जो बच्चा सबसे पहले बोलना सीखता हैं। एक बच्चे को सबसे प्यारी उसकी माँ ही होती हैं और बच्चे की सबसे पहली गुरु भी माँ ही होती हैं। जो उसे जीवन यापन और संस्कार का पाठ पद्धति हैं। प्यार करना सिखाती हैं। लेकिन माँ का बच्चों के प्रति यह प्यार घातक हो जाये तो। जी हाँ, सुनने में अविश्वसनीय है की एक माँ अपने बच्चों के लिए कैसे घातक हो सकती हैं। लेकिन ऐसा सच में हुआ हैं आइये हम बताते हैं आपको कैसे।

एक मां ने अपने ही दो बच्चों को सूअर समझकर मार डाला और उन्हें खा गई। जी हां, आपके यह यकीन कर पाना मुश्किल होगा लेकिन यह सच है। थाईलैंड की इस महिला ने दोनों बच्चों को पहले मारा और बाद में उन्हें पकाकर खा गई। जिनमें से एक बच्चे की उम्र एक साल और दूसरे की पांच साल थी। जब पुलिस महिला के घर पहुंची तो वो उनके शरीर के अंगों के साथ सो रही थी।


यह महिला एक पह़ाडी जनजाति से ताल्लुक रखती है और 2007 से मानसिक बीमारी का ईलाज करा रही है। लेकिन कुछ समय पहले ही उसने सारी दवाइयां एकाएक बंद कर दी थीं। जिस समय ये घटना घटी महिला अपने बच्चों के साथ घर में अकेली थी। उसका पति दवाइयां लेने के लिए बाहर गया हुआ था। पति जब घर लौटा तो उसके होश उ़ड गए। उसने ही महिला की बीमारी के बारे में सब कुछ बताया।

मेंटल हेल्थ डिपार्टमेंट के डॉक्टर कियातुफुम ने बताया कि महिला ने दवाइयां लेनी बंद कर दी थीं और इसी वजह से वो खुद को काबू नहीं कर सकी। दरअसल यह महिला कल्पनाएं करती थी और उसे हर समय ये लगता था कि कोई उसे मारने आ रहा है। इसी धोखे में उसने अपने बच्चों को सूअर समझकर मार डाला और उन्हें पकाकर खा गई। घटना के बाद महिला को ईलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।