आपके फोन की बैटरी को चुपचाप खत्म कर रही हैं ये सेटिंग्स, समय रहते न बदलीं तो हर वक्त चार्जर ढूंढते रह जाएंगे

पिछले कुछ वर्षों में एंड्रॉयड स्मार्टफोन पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट, पावरफुल और फीचर-लोडेड हो गए हैं। बड़े और ब्राइट डिस्प्ले, हाई रिफ्रेश रेट, मल्टीटास्किंग और लगातार इंटरनेट कनेक्टिविटी ने फोन के इस्तेमाल को तो आसान बना दिया है, लेकिन इसकी कीमत बैटरी को चुकानी पड़ती है। इसी वजह से कंपनियां बड़ी बैटरी और फास्ट चार्जिंग तकनीक देने लगी हैं। इसके बावजूद कई यूजर्स की शिकायत रहती है कि फोन की बैटरी दिन में कई बार चार्ज करनी पड़ती है। अगर आपके साथ भी यही समस्या है, तो हो सकता है कि इसके पीछे आपके फोन की कुछ सेटिंग्स जिम्मेदार हों। इन्हें थोड़ा सा बदलकर आप बैटरी बैकअप में बड़ा फर्क देख सकते हैं।

बैटरी लाइफ बढ़ाने के लिए इन सेटिंग्स पर डालें नजर

बैकग्राउंड ऐप्स की एक्टिविटी करें सीमित

अधिकांश स्मार्टफोन में कई ऐप्स डिफॉल्ट रूप से बैकग्राउंड में चलते रहते हैं। आप भले ही उन्हें ओपन न करें, लेकिन ये ऐप्स लगातार इंटरनेट से जुड़े रहकर डेटा सिंक करती रहती हैं। इसका सीधा असर बैटरी पर पड़ता है और फोन जल्दी डिस्चार्ज होने लगता है। इस समस्या से बचने के लिए आप गैर-जरूरी ऐप्स की बैकग्राउंड एक्टिविटी को सीमित कर सकते हैं। इसके लिए सेटिंग्स में जाकर बैटरी सेक्शन खोलें और उन ऐप्स को “Restricted” या “Limit Background Usage” विकल्प में डाल दें, जिनका बार-बार इस्तेमाल नहीं होता।

ऑलवेज-ऑन डिस्प्ले और हाई रिफ्रेश रेट से बनाएं दूरी

ऑलवेज-ऑन डिस्प्ले और हाई रिफ्रेश रेट जैसे फीचर्स देखने में भले ही प्रीमियम लगते हों, लेकिन ये बैटरी के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक हैं। ऑलवेज-ऑन डिस्प्ले में स्क्रीन पूरी तरह बंद नहीं होती, जिससे बैटरी लगातार खर्च होती रहती है। अगर आपको इसकी खास जरूरत नहीं है, तो इसे बंद कर देना बेहतर विकल्प है। इसके साथ ही स्क्रीन के रिफ्रेश रेट को भी ऑटो या कम हर्ट्ज पर सेट करने से बैटरी ज्यादा समय तक चल सकती है।

लोकेशन सर्विसेज का इस्तेमाल सोच-समझकर करें

फोन की बैटरी सबसे ज्यादा तब खर्च होती है, जब लोकेशन सर्विस चालू रहती है। कई ऐप्स जरूरत न होने पर भी लोकेशन एक्सेस मांगती हैं। एक बार अनुमति देने के बाद ये ऐप्स GPS, वाई-फाई और ब्लूटूथ के जरिए लगातार आपकी लोकेशन ट्रैक करती रहती हैं। इसका नतीजा यह होता है कि बैटरी तेजी से खत्म होने लगती है। बेहतर यही है कि लोकेशन एक्सेस सिर्फ उन्हीं ऐप्स को दें, जिनके लिए यह जरूरी है, और बाकी ऐप्स के लिए इसे बंद या “Only While Using the App” पर सेट कर दें।