TMC का आरोप — SIR के डर से एक और मौत, भाजपा और चुनाव आयोग पर साधा निशाना

पश्चिम बंगाल की राजनीति में मतदाता सूची को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने निर्वाचन आयोग और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया है कि पूर्वी बर्धमान जिले में एक व्यक्ति ने एसआईआर (Special Intensive Revision) के डर से अपनी जान गंवा दी। पार्टी ने कहा कि इस व्यक्ति को आशंका थी कि मतदाता सूची से नाम हटने पर उसे गैर-नागरिक घोषित कर दिया जाएगा। टीएमसी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी पोस्ट में बताया कि मृतक की पहचान विमल संतरा के रूप में हुई है, जो जमालपुर इलाके का रहने वाला एक श्रमिक था। पार्टी ने लिखा — “भाजपा की डर और नफरत की राजनीति की वजह से एक और निर्दोष नागरिक की जान चली गई।” हालांकि, टीएमसी ने इस मामले में कोई आधिकारिक पुलिस पुष्टि या विस्तृत परिस्थितियों का उल्लेख नहीं किया है।

पहले भी आत्महत्याओं का दावा

यह पहला मामला नहीं है जब टीएमसी ने भाजपा पर मतदाता सूची संशोधन को लेकर भय फैलाने का आरोप लगाया हो। पार्टी इससे पहले भी तीन अन्य लोगों की आत्महत्याओं का ज़िक्र कर चुकी है, जो कथित तौर पर एसआईआर प्रक्रिया से डर गए थे। टीएमसी का कहना है कि भाजपा की नीतियां लोगों में भ्रम और असुरक्षा पैदा कर रही हैं।

मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया

निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर (Special Intensive Revision) के दूसरे चरण की प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू होकर 4 दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान मतदाता सूची की पुन: समीक्षा 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में की जाएगी, जिनमें पश्चिम बंगाल भी शामिल है। मसौदा मतदाता सूची 9 दिसंबर को जारी की जाएगी, जबकि अंतिम सूची 7 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी।

ममता बनर्जी का कोलकाता मार्च

इसी मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगलवार को कोलकाता में एक विशाल विरोध मार्च का नेतृत्व करेंगी। इस रैली में उनके भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी शामिल होंगे। यह मार्च मैदान में स्थित डॉ. बी.आर. आंबेडकर की प्रतिमा से शुरू होकर जोरासांको में रवींद्रनाथ टैगोर के निवास के पास समाप्त होगा।

‘एसआईआर है खामोशी से की जाने वाली धांधली’ — टीएमसी

पार्टी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “एसआईआर वास्तव में एक शांत लेकिन खतरनाक धांधली की प्रक्रिया है। हम सुनिश्चित करेंगे कि हर योग्य मतदाता इस प्रक्रिया में शामिल हो सके और किसी को भी बाहर न किया जाए। अपने लोगों की सुरक्षा के लिए हम हर संभव कदम उठाएंगे।”