पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम उपचुनाव के प्रचार के दौरान 2021 में ममता बनर्जी को लगी पैर की चोट को लेकर नया दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय ममता बनर्जी के पैर में फ्रैक्चर नहीं हुआ था और उनके पास अस्पताल के दस्तावेज मौजूद हैं। शुभेंदु अधिकारी ने यह बयान नंदीग्राम में बीजेपी उम्मीदवार हसिरानी रथ के समर्थन में चुनाव प्रचार के दौरान दिया। उनके इस दावे ने 2021 की उस घटना को फिर से चुनावी बहस के केंद्र में ला दिया है।
शुभेंदु अधिकारी ने यह भी बताया कि 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दिया, जिसके कारण यहां उपचुनाव हो रहा है। चुनाव आयोग के मुताबिक नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना होनी है।
भवानीपुर सीट रखने के पीछे क्या बताया कारणनंदीग्राम की सभा में शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनसे लगातार पूछा जाता है कि दोनों सीटों पर जीतने के बाद उन्होंने नंदीग्राम सीट क्यों छोड़ी। उनके मुताबिक, अगर वह भवानीपुर सीट छोड़ते तो ममता बनर्जी को वहां उपचुनाव के जरिए दोबारा विधानसभा में आने का अवसर मिल सकता था। उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्होंने भवानीपुर को अपने पास रखा और नंदीग्राम सीट खाली की।
2021 की चोट पर शुभेंदु का क्या दावा हैशुभेंदु अधिकारी ने 10 मार्च 2021 को नंदीग्राम में ममता बनर्जी के घायल होने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने एसएसकेएम अस्पताल से संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड देखा था। उनका दावा है कि एक्स-रे से जुड़ी रिपोर्ट की एक प्रति उनके पास है और उसमें डॉक्टरों ने ‘नो फ्रैक्चर’ लिखा था।
उन्होंने कहा कि वह इस मामले को व्यक्तिगत हमला नहीं मानते, लेकिन उनके मुताबिक उस घटना से जुड़ी सच्चाई सामने आनी चाहिए। शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि ममता बनर्जी के इलाज से संबंधित दस्तावेज में पैर की हड्डी टूटने का उल्लेख नहीं था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चोट उस तरह नहीं लगी थी, जैसा उस समय बताया गया था। शुभेंदु के मुताबिक, चलती गाड़ी का दरवाजा सड़क किनारे लगे लोहे के खंभे से टकराकर वापस आया और इससे ममता बनर्जी के पैर में चोट लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद चोट को राजनीतिक सहानुभूति हासिल करने के लिए इस्तेमाल किया गया।
ममता बनर्जी की चोट को लेकर पुराने रिकॉर्ड क्या कहते हैंशुभेंदु अधिकारी का दावा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे स्थापित तथ्य के रूप में नहीं लिखा जा सकता। 2021 की घटना से जुड़े उपलब्ध चिकित्सा विवरणों में ममता बनर्जी के बाएं पैर और टखने में गंभीर हड्डी तथा लिगामेंट संबंधी चोटों का उल्लेख किया गया था। उस समय उन्हें एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था और बाद में पैर पर प्लास्टर लगाकर व्हीलचेयर के सहारे चुनाव प्रचार करते देखा गया था।
यानी मौजूदा राजनीतिक दावे और 2021 में सामने आए चिकित्सा विवरणों के बीच अंतर दिखाई देता है। शुभेंदु अधिकारी जिस दस्तावेज का हवाला दे रहे हैं, उसकी पूरी प्रति सार्वजनिक रूप से सामने आने और उसकी स्वतंत्र पुष्टि होने तक उनके ‘नो फ्रैक्चर’ वाले दावे को उनका आरोप या दावा ही माना जाएगा। उपलब्ध रिपोर्टों में भी उनके पास बताए गए दस्तावेज की स्वतंत्र जांच का निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
शुभेंदु बोले- चुनौती मिली तो दस्तावेज सार्वजनिक करूंगाशुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अगर उन्हें चुनौती दी जाती है तो वह संबंधित मेडिकल रिपोर्ट और एक्स-रे से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह अब राज्य के पुलिस मंत्री हैं और उचित समय पर इस मामले में उपलब्ध रिकॉर्ड सामने रखेंगे।
इससे पहले भी 2021 की चोट की घटना को लेकर ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच राजनीतिक टकराव हुआ था। ममता बनर्जी उस समय नंदीग्राम से विधानसभा चुनाव लड़ रही थीं और शुभेंदु अधिकारी उनके प्रतिद्वंद्वी थे। उस चुनाव में ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट पर शुभेंदु अधिकारी से हार गई थीं।
2026 में फिर बदला नंदीग्राम का राजनीतिक समीकरण2026 के विधानसभा चुनाव में दोनों नेताओं के बीच मुकाबले का राजनीतिक संदर्भ एक बार फिर बदला। शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर में ममता बनर्जी को हराने के साथ नंदीग्राम से भी जीत हासिल की और बाद में भवानीपुर सीट बरकरार रखते हुए नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने नंदीग्राम उपचुनाव की तारीख घोषित की।
उपचुनाव से पहले मुकाबले में कई बदलाव भी हुए हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने पहले नंदीग्राम से संचित प्राधान डे को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्होंने बाद में अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की।
मिलन प्रधान को 2007 के नंदीग्राम भूमि आंदोलन से जुड़े हत्या के मामलों में गिरफ्तार भी किया गया था। कलकत्ता हाई कोर्ट ने उन्हें उपचुनाव से पहले अंतरिम जमानत दी थी। सुप्रीम कोर्ट में इस जमानत को चुनौती देने की राज्य सरकार की कोशिश पर भी सुनवाई हुई है।
अब नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को मतदान होना है और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। ऐसे में 2021 की चोट को लेकर शुभेंदु अधिकारी का ताजा दावा उपचुनाव के अंतिम चरण में सामने आया है और इस पुराने विवाद को एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में ले आया है।