बांग्लादेश में आम चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वहां की जनता को शुभकामनाएं दीं और नई राजनीतिक पारी की शुरुआत पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने चुनाव में जीत हासिल करने वाले नेता तारिक रहमान को संबोधित करते हुए उन्हें अपना “भाई” बताया और उनकी सफलता पर प्रसन्नता जताई।
पश्चिम बंगाल की सीमाएं बांग्लादेश से सटी होने के कारण वहां की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों का सीधा असर राज्य पर पड़ता है। इसी संदर्भ में ममता बनर्जी ने कहा कि पड़ोसी देश में शांति, स्थिरता और सौहार्द बना रहना दोनों क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बांग्लादेश की जनता को भाई-बहन बताते हुए आपसी रिश्तों की मजबूती पर जोर दिया।
रमजान की एडवांस मुबारकबाद के साथ संदेशमुख्यमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि बांग्लादेश के सभी नागरिकों को उनकी ओर से हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। उन्होंने रमजान के पवित्र महीने की अग्रिम मुबारकबाद भी दी और कामना की कि वहां अमन-चैन कायम रहे। उन्होंने कहा कि इस बड़ी जीत के लिए तारिक रहमान, उनकी पार्टी और चुनाव में भाग लेने वाली सभी राजनीतिक ताकतों को शुभकामनाएं। साथ ही उन्होंने दोनों देशों के बीच संबंधों के और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद जताई।
बांग्लादेश में जब भी अस्थिरता या अशांति की स्थिति पैदा होती है, तो उसका प्रभाव सीमावर्ती भारतीय राज्यों—विशेषकर पश्चिम बंगाल और असम—पर पड़ता है। ऐसे हालात में शरणार्थी संकट गहराने की आशंका रहती है। इस पृष्ठभूमि में ममता बनर्जी का बयान कूटनीतिक और मानवीय दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है।
चुनाव में बीएनपी की बढ़तबांग्लादेश के हालिया संसदीय चुनाव में Bangladesh Nationalist Party (बीएनपी) ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। स्थानीय मीडिया में प्रसारित शुरुआती रुझानों और अनुमानों के अनुसार पार्टी और उसके सहयोगियों को 210 से अधिक सीटों पर बढ़त या जीत मिली है। हालांकि, आधिकारिक परिणामों की घोषणा अभी Bangladesh Election Commission द्वारा की जानी बाकी है।
बताया जा रहा है कि यह नई सरकार उस अंतरिम प्रशासन का स्थान लेगी, जिसने अगस्त 2024 में सत्ता संभाली थी। अंतरिम व्यवस्था तब लागू की गई थी जब लंबे समय तक शासन करने वाली Awami League सरकार को पद छोड़ना पड़ा था।
अवामी लीग चुनाव से बाहरइस चुनाव में अवामी लीग ने हिस्सा नहीं लिया। पार्टी की प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ कई कानूनी मामले दर्ज किए गए हैं और कुछ मामलों में उन्हें दोषी भी ठहराया जा चुका है। वह लंबे समय से भारत में रह रही हैं।
दूसरी ओर, जमात-ए-इस्लामी इस चुनाव में प्रमुख विपक्षी शक्ति के रूप में उभरती दिखाई दे रही है। बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच बांग्लादेश की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश कर रही है, जिस पर भारत समेत पूरे दक्षिण एशिया की नजरें टिकी हुई हैं।