तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई भारतीय सेना को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में की गई है। कोर्ट के अनुसार, सांसद को मामले की सुनवाई के लिए पेश होने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वह कई बार समन जारी होने के बावजूद अदालत में उपस्थित नहीं हुईं।
क्या है महुआ मोइत्रा से जुड़ा मामला?मामला एक इंटरव्यू में भारतीय सेना को लेकर महुआ मोइत्रा की कथित टिप्पणियों से संबंधित है। इन टिप्पणियों के बाद कृष्णानगर की ACJM कोर्ट में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। कोर्ट सूत्रों के मुताबिक, मामले की सुनवाई के दौरान महुआ को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने के लिए कई बार निर्देश दिए गए थे।
हालांकि, आरोप है कि वह इन निर्देशों के बावजूद अदालत में पेश नहीं हुईं। इसके बाद कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया।
तुलसी माला और हिजाब को लेकर भी विवादमामले में महुआ मोइत्रा पर केवल भारतीय सेना से संबंधित कथित टिप्पणी का ही आरोप नहीं है। संदर्भ सामग्री के मुताबिक, उन पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भारतीय सेना के जवानों और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का भी आरोप लगाया गया है।
इसके अलावा हिंदुओं की तुलसी माला और मुस्लिम समुदाय के हिजाब को लेकर उनकी कथित टिप्पणियों को भी मामले का हिस्सा बताया गया है। इन्हीं मुद्दों को लेकर 12 जून 2026 को अदालत में केस दाखिल किए जाने की जानकारी दी गई है।
कोर्ट सूत्रों के मुताबिक, बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद महुआ मोइत्रा की अदालत में उपस्थिति नहीं हुई। इसके बाद अदालत ने आदेश का पालन नहीं करने के आधार पर गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
कौन हैं महुआ मोइत्रा?महुआ मोइत्रा तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख नेताओं और मुखर सांसदों में शामिल हैं। राजनीति में आने से पहले वह निवेश बैंकिंग के क्षेत्र में काम कर चुकी हैं। उन्होंने लंदन में जेपी मॉर्गन में वाइस प्रेसिडेंट के पद से इस्तीफा देकर भारत लौटने के बाद भारतीय युवा कांग्रेस से राजनीतिक करियर की शुरुआत की।
इसके बाद वर्ष 2010 में वह तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गईं। वर्ष 2016 में उन्होंने पश्चिम बंगाल की करीमपुर विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधायक के रूप में राजनीतिक पारी शुरू की।
2019 में पहली बार लोकसभा पहुंचीं
महुआ मोइत्रा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में कृष्णानगर सीट से जीत हासिल की और पहली बार संसद पहुंचीं। दिसंबर 2023 में ‘कैश-फॉर-क्वेरी’ मामले के चलते उनकी लोकसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई थी।
इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कृष्णानगर सीट से दोबारा जीत दर्ज की और संसद में वापसी की। उनकी राजनीतिक शैली के कारण वह अक्सर सार्वजनिक बहस और राजनीतिक विवादों में चर्चा में रहती हैं।
निजी जिंदगी भी रही चर्चा मेंमहुआ मोइत्रा की निजी जिंदगी भी सार्वजनिक चर्चा का विषय रही है। उनकी पहली शादी लार्स ब्रॉरसन से हुई थी, हालांकि बाद में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद मई 2025 में उन्होंने बीजू जनता दल (BJD) के वरिष्ठ नेता और वकील पिनाकी मिश्रा से विवाह किया।
फिलहाल भारतीय सेना से जुड़ी कथित टिप्पणी के मामले में कृष्णानगर कोर्ट की ओर से जारी गिरफ्तारी वारंट उनके लिए नया कानूनी घटनाक्रम है। मामले में अदालत के निर्देशों और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।