‘मोमो फैक्ट्री के पीछे किसका पैसा?’ कोलकाता अग्निकांड पर ममता बनर्जी सरकार पर अमित शाह का तीखा वार

कोलकाता के आनंदपुर इलाके में स्थित वाओ मोमो फैक्ट्री और गोदाम में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस हादसे को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि यह आग महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की प्रशासनिक व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार का भयावह उदाहरण है।

विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल दौरे पर पहुंचे अमित शाह ने उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर में आयोजित भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए इस अग्निकांड का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि इस घटना में अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 27 लोग अभी भी लापता हैं। शाह ने कहा कि इतने बड़े हादसे पर राज्य सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।

‘मोमो फैक्ट्री में किसका निवेश है?’

अमित शाह ने मंच से सवालों की झड़ी लगाते हुए कहा, “यह हादसा आखिर हुआ क्यों? जिस मोमो फैक्ट्री में आग लगी, उसमें किसका पैसा लगा है? फैक्ट्री के असली मालिक कौन हैं? वे किन-किन लोगों के साथ विदेश यात्राएं कर चुके हैं? और सबसे बड़ा सवाल—अब तक फैक्ट्री मालिक की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?”

उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस मामले को जानबूझकर दबाने की कोशिश कर रही है। शाह ने कहा कि अगर इस हादसे में मारे गए लोग घुसपैठिए होते, तो क्या राज्य सरकार का रवैया ऐसा ही रहता? यह बंगाल के नागरिकों की मौत है और इस पर राजनीति करना बेहद शर्मनाक है।

‘वोट बैंक के लिए इंसाफ से समझौता’

गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार इस संवेदनशील मामले को भी राजनीतिक चश्मे से देख रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर क्यों राज्य सरकार इस त्रासदी में न्याय की बजाय राजनीतिक गणित को तरजीह दे रही है। शाह ने तीखे शब्दों में कहा कि ममता बनर्जी को इस पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए और उन्हें शर्म आनी चाहिए।

न्यायिक जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग

अमित शाह ने आग की इस घटना की निष्पक्ष और न्यायिक जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए और उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के नेता और कार्यकर्ता जब पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे, तो पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। शाह ने कहा कि यह दिखाता है कि ममता सरकार सच को दबाने और विरोध की आवाज को कुचलने में लगी हुई है। उनके मुताबिक, आनंदपुर की फैक्ट्री में लगी आग “चीख-चीखकर” बता रही है कि इसके पीछे सत्ता से जुड़े लोग शामिल हैं।

‘भाजपा सरकार बनेगी तो होगा खुलासा’


अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा कि अगर अप्रैल में बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हादसे के लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति को चुन-चुनकर जेल भेजा जाएगा, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो।

‘2026 में बंगाल में बदलाव तय’

अपने भाषण के दौरान शाह ने आगामी विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए दावा किया कि बंगाल में राजनीतिक बदलाव तय है। उन्होंने 2021 के विधानसभा चुनावों की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय भाजपा को 38 प्रतिशत वोट मिले थे और पार्टी ने 77 सीटों पर जीत दर्ज कर सुवेंदु अधिकारी को नेता प्रतिपक्ष बनाया था।

शाह ने कहा, “ममता दीदी, हमें 38 से 45 प्रतिशत वोट शेयर तक पहुंचने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। आने वाले चुनाव में भाजपा 50 प्रतिशत से ज्यादा वोटों के साथ बंगाल में सरकार बनाएगी।”

ममता बनर्जी पर तंज और ‘ऑप्टिकल डिल्यूजन’ का जिक्र

अमित शाह ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि वह अपने भतीजे को अगला मुख्यमंत्री बनाने के सपने में ‘ऑप्टिकल डिल्यूजन’ यानी भ्रम का शिकार हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जब यह सपना टूटेगा, तो यह भ्रम अपने आप खत्म हो जाएगा।

मतुआ समुदाय को दिया भरोसा

अपने संबोधन में शाह ने मतुआ समुदाय के लोगों को भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि टीएमसी और ममता बनर्जी उन्हें डराने की कोशिश कर रही हैं कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे। शाह ने साफ कहा कि एक भी मतुआ मतदाता का नाम नहीं हटेगा।

उन्होंने दोहराया कि चाहे ममता सरकार कितनी भी कोशिश कर ले, एसआईआर की प्रक्रिया जारी रहेगी और पूरी तरह पारदर्शी मतदाता सूची के साथ चुनाव कराए जाएंगे।