कलकत्ता लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुए गैंगरेप के दर्दनाक मामले ने न सिर्फ शहर को हिला दिया, बल्कि अब इसमें एक और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। इस केस के मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा के वकील ने एक ऐसा दावा किया है, जिसने जांच की दिशा पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि मनोजीत के शरीर पर खरोंचों के साथ-साथ ‘लव बाइट’ के निशान भी पाए गए थे, लेकिन अभियोजन पक्ष ने इस जानकारी को दबा दिया।
पुलिस सूत्रों की मानें तो मनोजीत के शरीर पर जो खरोंच थे, वे इस ओर इशारा करते हैं कि पीड़िता ने खुद को बचाने की पूरी कोशिश की थी। लेकिन अब जब वकील का ये दावा सामने आया है, तो यह सवाल भी उठता है कि क्या पूरा सच सामने आ पाया है?
वकील का बड़ा सवाल:इंडिया टुडे के हवाले से वकील राजू गांगुली ने कहा, “अभियोजन पक्ष सिर्फ इतना कह रहा है कि शरीर पर खरोंच के निशान हैं, लेकिन क्या उन्होंने ये बताया कि आरोपी के शरीर पर लव बाइट भी थे? अगर जबरन बलात्कार हुआ होता, तो शरीर पर इस तरह के निशान कैसे आते?” उनका यह सवाल न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि केस की गंभीरता को एक नई दिशा में मोड़ देता है।
राजनीतिक रंग लेता मामला:मनोजीत मिश्रा, जो पहले टीएमसी से जुड़ा छात्र नेता रह चुका है, इस वजह से यह केस राजनीतिक गलियारों में भी गर्मी पैदा कर चुका है। बीजेपी और टीएमसी इस मुद्दे पर आमने-सामने आ चुके हैं।
वकील ने उठाए कई सवाल:पत्रकारों से बातचीत में मनोजीत के वकील ने कहा कि पीड़िता के बयान में कई विरोधाभास हैं। उनका तर्क था कि अगर वास्तव में वह बंधक बनाई गई थी, तो उसने तुरंत अपने माता-पिता को क्यों नहीं बताया? क्या पुलिस ने उसका फोन जब्त कर कॉल डिटेल्स की जांच की? उन्होंने कहा, घटना रात 10:30 बजे हुई और रिपोर्ट अगली शाम करीब 5 बजे दर्ज कराई गई। आखिर इतनी देर क्यों?
अदालत का फैसला और अगली कार्रवाई:इस मामले में अलीपुर कोर्ट ने तीन मुख्य आरोपियों—मनोजीत, प्रमित और जैब को 8 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जबकि एक अन्य आरोपी सिक्योरिटी गार्ड पिनाकी को 4 जुलाई तक रिमांड पर रखा गया है। 25 जून को हुई इस घटना की जानकारी मिलने के पांच दिन बाद, पुलिस ने 30 जून को महज 12 घंटे में तीनों मुख्य आरोपियों को पकड़ लिया।
परिवार की भावनाएं और भरोसा:एक आरोपी के पिता ने भावुक होकर कहा, मुझे कानून पर पूरा भरोसा है। मामला अदालत में है और हमें उम्मीद है कि जांच के दौरान सच्चाई सबके सामने आएगी। उनका यह भरोसा अब न्यायिक प्रक्रिया की अग्नि परीक्षा से गुजर रहा है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद भाजपा ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी भी गठित कर दी है। कमेटी का कहना है कि राज्य में इस तरह की घटनाएं अब एक ‘पैटर्न’ बनती जा रही हैं, जो वाकई चिंता का विषय है।