पश्चिम बंगाल बीजेपी में पार्टी के अंदर की नाराजगी एक बार फिर खुलकर सामने आई है। बांकुड़ा जिले की ओंडा विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक अमरनाथ शाखा ने अपनी ही पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों पर तीखे सवाल उठाए हैं। फेसबुक पर लिखी अपनी पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कई नेता जमीनी स्तर के मुद्दों पर काम करने और माकपा (CPIM) व लेफ्ट फ्रंट का राजनीतिक मुकाबला करने के बजाय सोशल मीडिया पर रील बनाने, फॉलोअर्स बढ़ाने और अपना फैन क्लब मजबूत करने में ज्यादा व्यस्त हैं।
अमरनाथ शाखा ने अपनी पोस्ट में कहा कि पार्टी में लंबे समय तक सक्रिय रहने के कारण वह कुछ बातों को देखकर चुप नहीं रह सकते। उन्होंने अपने बारे में कहा कि वह दूसरों को खुश करने के लिए अपनी बात बदलने में विश्वास नहीं रखते और जो उन्हें गलत लगता है, उसके खिलाफ आवाज उठाते हैं। विधायक के मुताबिक, इसी वजह से उनके कई विरोधी भी बने हैं, लेकिन इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता।
‘पार्टी से पहले निजी प्रचार पर जोर’बीजेपी विधायक ने आरोप लगाया कि लेफ्ट फ्रंट की ओर से कथित तौर पर उकसावे और गलत जानकारी के जरिए सरकार की छवि खराब करने की कोशिश किए जाने के बावजूद पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता उसका जवाब देने के लिए सक्रिय नहीं दिखते।
उनके मुताबिक, ऐसे नेताओं का ध्यान सुबह से रात तक अपने प्रचार पर केंद्रित रहता है। उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों की प्राथमिकता पार्टी के हित के बजाय निजी फायदे तक सीमित हो गई है।
अमरनाथ शाखा ने नेताओं के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि किसी नेता विशेष के समर्थक बनने के बजाय कार्यकर्ताओं को पार्टी के प्रति वफादार रहना चाहिए। उनका कहना है कि नेता आते-जाते रहते हैं, लेकिन पार्टी लंबे समय तक बनी रहती है।
‘CPIM के खिलाफ जवाबी नैरेटिव नहीं’विधायक ने अपनी पोस्ट में खास तौर पर CPIM को लेकर पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि माकपा के खिलाफ प्रभावी जवाबी नैरेटिव या विरोध दिखाई नहीं देता।
उन्होंने दावा किया कि पार्टी के कुछ नेता राजनीतिक और जमीनी गतिविधियों पर ध्यान देने के बजाय रील्स और सोशल मीडिया फॉलोअर्स बढ़ाने में लगे हुए हैं। अमरनाथ शाखा ने यह भी आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद कुछ नेताओं की जीवनशैली में काफी बदलाव आया है और उन्हें पार्टी के प्रति अपनी जवाबदेही का एहसास नहीं है।
‘34 साल तक संघर्ष किया’अमरनाथ शाखा ने अपनी पोस्ट में अपने राजनीतिक सफर और संघर्ष का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी जवानी, परिवार और जीवन का बड़ा हिस्सा पार्टी को समर्पित किया है।
विधायक के मुताबिक, उन्होंने 34 वर्षों तक CPM की धमकियों और कथित आतंक के साथ-साथ तृणमूल कांग्रेस के अत्याचारों का भी सामना किया। उन्होंने दावा किया कि इन परिस्थितियों के बावजूद लोगों का पार्टी पर भरोसा बना रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों की वजह से अब पार्टी को नुकसान पहुंच रहा है और ऐसे लोगों का ध्यान केवल पैसा कमाने पर केंद्रित है। हालांकि, रेफरेंस में इन आरोपों पर संबंधित नेताओं या पार्टी की ओर से कोई जवाब दर्ज नहीं है।