तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल पुलिस के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह ऐसे पुलिसकर्मियों के नामों की सूची तैयार कर रहे हैं, जो मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को खुश करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब राज्य में सरकार बदलेगी तो ऐसे अधिकारियों को जवाब देना होगा और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। गुरुवार, 29 अक्टूबर को दिए गए बयान में अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिस अधिकारी अच्छी पोस्टिंग पाने के लिए तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं और उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह ऐसे अधिकारियों के नाम दर्ज कर रहे हैं। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री के इशारे पर काम करने और मनपसंद पोस्टिंग पाने की कोशिश करने वाले पुलिसकर्मियों को दो साल बाद इसके परिणाम देखने पड़ सकते हैं। हालांकि, उन्होंने किसी अधिकारी का नाम सार्वजनिक नहीं किया।
अभिषेक बनर्जी ने पुलिस अधिकारियों को क्या चेतावनी दी?अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जो पुलिसकर्मी सत्ता में बैठे लोगों को खुश करने के लिए तृणमूल कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, उनकी पहचान की जा रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, मैं नामों की सूची बना रहा हूं। सरकार बदलने के बाद किसी को भी नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई पुलिस अधिकारी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को खुश करने और अच्छी पोस्टिंग हासिल करने के लिए तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को झूठे मामलों में फंसा रहे हैं। अभिषेक ने कहा कि ऐसे अधिकारियों को यह नहीं समझना चाहिए कि मौजूदा सरकार में मिली अच्छी पोस्टिंग हमेशा उनके पास रहेगी। उन्होंने दो साल बाद की स्थिति का जिक्र करते हुए पुलिसकर्मियों को चेताया।
अभिषेक के बयान से राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के बीच जारी राजनीतिक टकराव एक बार फिर सामने आया है।
इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
अभिषेक बनर्जी का यह बयान पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी के बीच आया है। सेन को दुर्गा पूजा के प्रीव्यू शो और प्रवेश पास की बिक्री में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में कोलकाता पुलिस ने बुधवार, 28 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पहले वह प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कोलकाता कार्यालय में पूछताछ के लिए पहुंचे थे। उनसे कई घंटे तक पूछताछ हुई, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को अदालत में पेश किए जाने के बाद सेन को 10 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। अदालत ने उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी। इस मामले में सेन और उनकी पत्नी मधुचंदा सेन के मासआर्ट सोसाइटी से कथित संबंधों की जांच की जा रही है।
क्या है मासआर्ट सोसाइटी से जुड़ा मामला?यह मामला कोलकाता के बोबाजार पुलिस थाने में जयदीप मुखर्जी की शिकायत के बाद दर्ज प्राथमिकी से शुरू हुआ। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 2022 से 2025 के बीच मासआर्ट सोसाइटी के माध्यम से दुर्गा पूजा के प्रीव्यू शो और विशेष प्रवेश पास बेचकर लोगों से पैसे जुटाए गए। आरोप है कि लोगों के सामने संगठन को यूनेस्को से जुड़ा या उसके समर्थन वाला बताकर पास बेचे गए, जबकि यूनेस्को के साथ ऐसी किसी व्यावसायिक साझेदारी की पुष्टि नहीं हुई है। शिकायत के मुताबिक, संगठन ने कोलकाता के चुनिंदा दुर्गा पूजा पंडालों में विशेष प्रवेश दिलाने के नाम पर लोगों से रकम वसूली। आरोप है कि इस प्रक्रिया में यूनेस्को के नाम और पहचान का इस्तेमाल किया गया और बाद में जुटाई गई रकम का निजी लाभ के लिए उपयोग किया गया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस धन का इस्तेमाल कहां हुआ और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।
कोलकाता की दुर्गा पूजा को वर्ष 2021 में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की मान्यता मिली थी। जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, इसी के बाद मासआर्ट सोसाइटी की स्थापना हुई थी। हालांकि, यूनेस्को की मान्यता मिलने और किसी संगठन के साथ व्यावसायिक साझेदारी होने के बीच अंतर है। इस मामले में कथित तौर पर इसी संबंध को लेकर लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया गया है।
अभिषेक बनर्जी ने गिरफ्तारी पर भी उठाए सवालइंद्रनील सेन की गिरफ्तारी को लेकर अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग अपने जमीर से समझौता करने से इनकार करते हैं, उन्हें जेल भेजा जा रहा है, जबकि गंभीर अपराधों के आरोपों का सामना कर रहे कुछ लोग भाजपा में शामिल होने के बाद बच जाते हैं। तृणमूल नेता ने सेन के खिलाफ कार्रवाई को राजनीतिक संदर्भ में रखते हुए सवाल उठाए। हालांकि, सेन के खिलाफ दर्ज मामला और उसमें लगे आरोप जांच के अधीन हैं। गिरफ्तारी या पुलिस हिरासत को दोष साबित होना नहीं माना जा सकता।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी का किया जिक्रपश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी इंद्रनील सेन के मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सेन के खिलाफ लंबे समय से जांच चल रही थी और प्रवर्तन निदेशालय के साथ कोलकाता पुलिस भी मामले की पड़ताल कर रही थी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, जांच एजेंसियों को कुछ तथ्य जरूर मिले होंगे, लेकिन यह मान लेना सही नहीं होगा कि कथित तौर पर जुटाई गई पूरी रकम केवल सेन के पास ही रही।
शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि संभव है कि इस पैसे में उन्हें भी हिस्सा मिला हो। उन्होंने कहा कि मामला केवल इंद्रनील सेन तक सीमित नहीं रह सकता और जांच आगे बढ़ने पर दूसरे बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं। मुख्यमंत्री का यह बयान एक राजनीतिक आरोप है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के नतीजों से ही हो सकेगी। इस तरह इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक तरफ अभिषेक बनर्जी पुलिस अधिकारियों पर सत्ताधारी दल के पक्ष में काम करने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सेन के मामले में जांच का दायरा आगे बढ़ने की बात कही है।