देहरादून। उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले के धराली क्षेत्र में आई भीषण आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य पूरी ताक़त से जारी है। सेना, वायुसेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें मलबे और दुर्गम रास्तों के बीच फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के ताज़ा अपडेट के मुताबिक, अब तक गंगोत्री और आस-पास के क्षेत्रों से कुल 274 लोगों को हर्षिल पहुंचाया गया है। इनमें गुजरात के 131, महाराष्ट्र के 123, मध्य प्रदेश के 21, उत्तर प्रदेश के 12, राजस्थान के 6, दिल्ली के 7, असम और कर्नाटक के 5-5, तेलंगाना के 3 और पंजाब से 1 व्यक्ति शामिल है। सभी लोग सुरक्षित हैं और इन्हें उत्तरकाशी या देहरादून भेजा जा रहा है।
रेस्क्यू मिशन के लिए वायुसेना के चिनूक और एमआई-17 सहित कुल 6 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं, जबकि दो अतिरिक्त हेलीकॉप्टरों को भी ऑपरेशन में जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा सेना के HAL और चीता हेलीकॉप्टरों ने सुबह 7 बजे से उड़ान भरनी शुरू कर दी है।
479 से अधिक अधिकारी और जवान इस अभियान में सक्रिय हैं, जिनमें राजपुताना राइफल्स के 150 जवान, सेना की घातक टीम के 12 सदस्य, एनडीआरएफ के 69, एसडीआरएफ के 50, आईटीबीपी के 130 और पुलिस व प्रशासनिक अमले के अधिकारी शामिल हैं।
अलग-अलग क्षेत्रों से 814 अतिरिक्त बचावकर्मी भी भेजे गए हैं, जिनमें नेलांग से 40, आर्मी मेडिकल के 50, टोकला टीसीपी से 50, आगरा से स्पेशल फोर्स के 115, आईटीबीपी के 89, एनडीआरएफ के 160, एसडीआरएफ के 30 और पुलिस के 280 जवान शामिल हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए धराली में एक मेडिकल टीम, एक डॉक्टर, फार्मासिस्ट और एंबुलेंस की तैनाती की गई है। हर्षिल में 7 विशेषज्ञ डॉक्टर SMO मेडिसिन के साथ मौजूद हैं, जबकि मातली में ITBP और स्वास्थ्य विभाग के कुल 6 डॉक्टर तैनात किए गए हैं। उत्तरकाशी धर्मशाला में 8 डॉक्टर कार्यरत हैं। कुल 294 सामान्य बेड और 65 ICU बेड की व्यवस्था की गई है।
अब तक 230 लोगों को एयरलिफ्ट कर जौलीग्रांट पहुंचाया गया है, जबकि कुछ लोगों को सड़क मार्ग से उनके गंतव्य तक भेजा गया है। रेस्क्यू किए गए 13 घायलों में से 3 को गंभीर हालत में AIIMS ऋषिकेश, 2 को मिलिट्री हॉस्पिटल देहरादून और 8 को जिला अस्पताल उत्तरकाशी में भर्ती किया गया है।
मौके पर JCB, एस्कवेटर और डोजर जैसी कुल 5 भारी मशीनें भी राहत कार्य में जुटी हैं। गंगोत्री में अभी भी लगभग 400 लोग फंसे हैं, जिन्हें हर्षिल लाकर हेलीकॉप्टर से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। अब तक हर्षिल से 105 लोगों को निकाला गया है।
अब तक 2 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 9 सैनिक और 7 नागरिक अभी भी लापता हैं। राहत कार्य की रफ्तार बढ़ाने के लिए धराली में ICP अब फंक्शनल हो चुका है और NDRF की क्विक रिस्पॉन्स यूनिट भी एक्टिवेट कर दी गई है।
फंसे हुए लोगों के लिए 2,000 रेडी-टू-ईट फूड पैकेट हर्षिल भेजे गए हैं। साथ ही खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से नियमित रूप से सूखा राशन और आवश्यक सामान भी भेजा जा रहा है।