सीएम योगी का विपक्ष पर निशाना? बोले- आस्था मिटाने वाले खुद इतिहास में मिट गए

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव-2026 के अवसर पर आस्था, विरासत और कर्तव्य को लेकर अपनी बात रखी। शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की आस्था और परंपराओं को खत्म करने की कोशिश करने वाले लोग खुद इतिहास के पन्नों से मिट गए। मुख्यमंत्री ने इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के कर्म और विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष से जुड़े संदेश को भी रेखांकित किया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन यह संदेश देता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, व्यक्ति को अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने लोगों से कर्मक्षेत्र में अपनी क्षमता पहचानकर श्रेष्ठ कार्य करने का प्रयास करने की अपील की।

'मंदिर टूट सकता है, आस्था नहीं'

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में धार्मिक स्थलों और आस्था से जुड़े उदाहरण भी रखे। उन्होंने कहा कि आक्रांता मंदिरों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, मूर्तियां तोड़ सकते हैं या उनके ऊपर दूसरी इमारतें खड़ी कर सकते हैं, लेकिन लोगों के मन में मौजूद श्रीराम और श्रीकृष्ण की आस्था को समाप्त नहीं कर सकते।

योगी ने सोमनाथ, अयोध्या और काशी का उदाहरण देते हुए कहा कि इन स्थानों से जुड़ी धार्मिक परंपराएं और आस्था अलग-अलग दौर में भी कायम रही हैं। उन्होंने बताया कि सोमनाथ मंदिर कई बार टूटने के बावजूद दोबारा बनाया गया। इसी तरह अयोध्या में राम मंदिर और काशी में विश्वनाथ मंदिर के निर्माण एवं पुनर्स्वरूप का भी उन्होंने उल्लेख किया।

श्रीकृष्ण के संदेश को बताया आज भी प्रासंगिक

सीएम योगी ने कहा कि श्रीकृष्ण का संदेश आज भी लोगों के लिए प्रासंगिक है। उन्होंने विशेष रूप से कर्म और संशय की स्थिति में सही दिशा चुनने की बात कही। मुख्यमंत्री के मुताबिक, जब जीवन में भ्रम या संदेह पैदा होता है, तब श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण का संदेश लोगों को कर्म की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जन्म कारागार की कठिन परिस्थितियों में हुआ था, लेकिन उन्होंने जीवनभर विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए समाज को प्रकाश का मार्ग दिखाया। योगी ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन लोगों को अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए नए संकल्प से जोड़ता है।
मथुरा की प्रकृति और पर्यावरण का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने अपने बृहस्पतिवार और शुक्रवार के मथुरा दौरे का उल्लेख करते हुए वहां के लोगों के प्रकृति प्रेम की सराहना की। उन्होंने कहा कि मथुरा के लोग पेड़ों की टहनियां नहीं तोड़ते और अनावश्यक रूप से पेड़ों को नुकसान नहीं पहुंचाते।

उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण से जुड़े मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, गोवर्धन, बल्देव और नंदगांव जैसे क्षेत्रों में आज भी श्रद्धालुओं के मन में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियां जीवंत हैं। उनके अनुसार, इन क्षेत्रों में प्रकृति और पर्यावरण के प्रति श्रद्धा का भाव भी दिखाई देता है।

'भारत अपनी यात्रा पर आज भी आगे बढ़ रहा है'

योगी आदित्यनाथ ने सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का उद्देश्य आस्था को नष्ट करना था, उनका भाव नकारात्मक था और वे स्वयं अस्त हो गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत अपनी यात्रा पर आज भी आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने लोगों से निष्काम कर्म को जीवन का ध्येय बनाकर कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने की अपील की। योगी ने कहा कि देश की विजय यात्रा को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी केवल किसी सरकार की नहीं है, बल्कि 140 करोड़ भारतवासियों को मिलकर इस यात्रा को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है।