उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 26 अक्टूबर को कानपुर के बिठूर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित जनसभा में उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव का नाम सीधे लिए बिना उन्हें ‘छोटे मियां’ और ‘बड़े मियां’ कहकर निशाना साधा। योगी ने आरोप लगाया कि दोनों नेताओं को घुसपैठियों से प्यार है और वे दलितों, वंचितों, गरीबों, किसानों तथा युवाओं के हितों की अनदेखी करते हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में पिछली सरकारों के कार्यकाल, अयोध्या और काशी में हुए विकास, धार्मिक स्थलों के संरक्षण और उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को उठाया। उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर प्रदेश के विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया और कहा कि जनता उनके पुराने कार्यकाल को देख चुकी है। यह बयान ऐसे कार्यक्रम में आया, जहां धार्मिक आयोजन के साथ बिठूर और बिल्हौर विधानसभा क्षेत्रों के लिए विकास परियोजनाओं की घोषणा और शुरुआत भी की गई।
‘देश में दो मियां हैं, दोनों को घुसपैठियों से प्यार’योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि देश में इस समय दो ‘मियां’ हैं—एक छोटे मियां और दूसरे बड़े मियां। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों बांग्लादेशी घुसपैठियों का समर्थन करते हैं, जबकि दलितों, वंचितों, गरीबों, अन्नदाता किसानों और युवाओं का अपमान करते हैं। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर दंगाइयों का साथ देने, अराजकता को बढ़ावा देने और लोगों को अंधेरे में रखकर लूटपाट करने वालों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने राजनीतिक जीवन में अराजकता को जगह दी और परिवार को ही प्रदेश मानकर काम किया, वे विकास कैसे कर सकते हैं? योगी ने अपने भाषण में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के पुराने शासनकाल को लेकर कई आरोप लगाए। ये टिप्पणियां मुख्यमंत्री के राजनीतिक आरोपों का हिस्सा थीं।
अयोध्या और काशी के विकास का किया जिक्रमुख्यमंत्री ने अयोध्या की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान राम के पुष्पक विमान से लंका विजय के बाद अयोध्या लौटने की धार्मिक मान्यता के बावजूद, लंबे समय तक शहर में आवागमन के लिए मुख्य रूप से सड़क मार्ग ही था और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति अच्छी नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकारों के दौरान अयोध्या को पर्याप्त बिजली और विकास सुविधाएं नहीं मिलीं। योगी ने कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अयोध्या के विकास के लिए योजना तैयार की, तो विपक्ष ने उसमें अड़चनें डालने की कोशिश की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम में हुए बदलाव का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पहले मंदिर परिसर में एक समय में बहुत कम श्रद्धालु दर्शन कर पाते थे, जबकि अब बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था की गई है। उन्होंने काशी को नए स्वरूप में विकसित करने और अयोध्या के कायाकल्प का श्रेय केंद्र और राज्य सरकारों को दिया।
अयोध्या को त्रेता युग जैसा स्वरूप देने की बात कहीयोगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर के निर्माण के साथ शहर को और विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने मथुरा, वृंदावन, प्रयागराज, मां विंध्यवासिनी धाम, शुकतीर्थ, नैमिषारण्य और बिठूर जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन स्थानों को भव्य और दिव्य स्वरूप देने के लिए उनकी सरकार काम कर रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने महर्षि वाल्मीकि, बाबा साहब भीमराव आंबेडकर और सद्गुरु रविदास जी महाराज से जुड़े स्थलों सहित प्रदेश के लगभग 4,000 स्थानों पर विकास और संरक्षण से जुड़े काम शुरू करने की योजना बनाई है। उनके मुताबिक, इन स्थलों पर चारदीवारी, छत या कैनोपी, सुरक्षा और सुंदरीकरण जैसी व्यवस्थाएं की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने इसे धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में उठाया गया कदम बताया।
सपा और कांग्रेस के पुराने शासन पर लगाए आरोप
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक सरकार चलाने का अवसर मिला, लेकिन उनके शासन में किसानों, गरीबों और युवाओं की समस्याएं बनी रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान आत्महत्या करने को मजबूर होते थे, गरीबों को भोजन की परेशानी झेलनी पड़ती थी और युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिलते थे।
योगी ने समाजवादी पार्टी पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी से जुड़े लोगों ने व्यापारियों और गरीबों की जमीनों पर कब्जे किए तथा दंगाइयों को संरक्षण दिया। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर समस्याएं थीं।
कोसी कलां, जवाहर बाग और मुजफ्फरनगर की घटनाओं का किया उल्लेख
अपने भाषण में योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में पहले हुई हिंसक घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने मथुरा के कोसी कलां में हुए दंगे, जवाहर बाग की घटना और मुजफ्फरनगर में हुई हिंसा को याद करते हुए समाजवादी पार्टी की तत्कालीन सरकार पर निशाना साधा।
जवाहर बाग प्रकरण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सरकारी जमीन पर लंबे समय तक कब्जा बना रहा। उन्होंने कहा कि कब्जा हटाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक मुकुल द्विवेदी और थानाध्यक्ष संतोष यादव की हत्या कर दी गई थी। योगी ने इस घटना को उस समय की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने के लिए प्रस्तुत किया और कहा कि जब पुलिस अधिकारी ही सुरक्षित नहीं थे, तो आम नागरिकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने मुजफ्फरनगर हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, मेरठ और बुलंदशहर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तनाव और हिंसा का माहौल था। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार ने प्रभावित लोगों की परेशानियों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।
अखिलेश यादव पर परिवारवाद को लेकर तंजयोगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें विरासत में सत्ता मिली थी, लेकिन केवल राजनीतिक विरासत के आधार पर बार-बार सत्ता हासिल नहीं की जा सकती। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “काठ की हंडिया बार-बार नहीं चढ़ती है।”
मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव से कहा कि प्रदेश की जनता उनके पिछले कार्यकाल को देखकर उन्हें सत्ता से बाहर कर चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में आगे बढ़ने के लिए जमीन पर उतरकर काम करना पड़ता है और केवल विरासत के भरोसे सत्ता में वापसी की उम्मीद नहीं की जा सकती। अपने भाषण में योगी ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की पिछली नीतियों और कामकाज के कारण जनता ने उसे सत्ता से दूर किया।
वाल्मीकि जयंती पर पूजा-अर्चना के बाद विकास परियोजनाओं की सौगात
राजनीतिक संबोधन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर के बिठूर स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम में पूजा-अर्चना की। इसके बाद वह नाना राव पेशवा पार्क पहुंचे, जहां जनसभा को संबोधित किया। कार्यक्रम महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था।
इस दौरे के दौरान बिठूर और बिल्हौर विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 411.77 करोड़ रुपये की लागत वाली 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित करने और प्रमाण-पत्र वितरित करने का भी प्रावधान था।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने इस अवसर पर सार्वजनिक अवकाश को महर्षि वाल्मीकि के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया।