यूपी के 70 हजार शिक्षकों को 10 साल बाद प्रमोशन का तोहफा, नवंबर से शुरू होगी प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत करीब 70 हजार शिक्षकों के लिए लंबे इंतजार के बाद पदोन्नति का रास्ता खुल गया है। वर्ष 2016 के बाद से शिक्षकों की पदोन्नति नहीं हुई थी। अब बेसिक शिक्षा परिषद ने सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को वरिष्ठता सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार जिलों से सूची मिलने के बाद नवंबर से पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।

करीब 3.30 लाख परिषदीय शिक्षकों में से लगभग 70 हजार शिक्षकों को इस प्रक्रिया का लाभ मिलने की संभावना है। इस फैसले से उन शिक्षकों को पदोन्नति मिलने का अवसर मिलेगा, जो लंबे समय से अपनी वरिष्ठता के आधार पर अगली जिम्मेदारी का इंतजार कर रहे थे।

2016 के बाद नहीं हुई थी पदोन्नति

परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की पिछली पदोन्नति वर्ष 2016 के बाद नहीं हुई थी। इस दौरान पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों की संख्या लगातार बढ़ती रही। अब बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए जिलास्तर पर वरिष्ठता सूची तैयार करने का काम शुरू किया जा रहा है।

परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक अथवा उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर पदोन्नति दी जाती है। इसी तरह प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापकों को उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति का अवसर मिलता है।

तीन सप्ताह में तैयार करनी होगी वरिष्ठता सूची

बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पदोन्नति के लिए शिक्षकों की वरिष्ठता सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जिलों को यह सूची तीन सप्ताह के भीतर तैयार करनी होगी।

निर्देशों के मुताबिक शिक्षकों की वरिष्ठता सूची 23 अक्टूबर तक बेसिक शिक्षा परिषद के कार्यालय को भेजनी होगी। इसके बाद नवंबर महीने से पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। इस तरह पहले वरिष्ठता के आधार पर पात्र शिक्षकों की सूची तैयार होगी और उसके बाद पदोन्नति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
आरटीई के तहत प्रधानाध्यापक के पदों का प्रावधान

शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया में विद्यालयों में स्वीकृत प्रधानाध्यापक पद भी महत्वपूर्ण हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम यानी आरटीई के तहत परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 150 विद्यार्थियों पर प्रधानाध्यापक का पद स्वीकृत किया गया है। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 100 विद्यार्थियों पर प्रधानाध्यापक का पद स्वीकृत है।

इसी व्यवस्था के तहत शिक्षकों की पदोन्नति अलग-अलग पदों पर की जाती है। लंबे समय से रुकी प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद वरिष्ठता सूची तैयार करने का चरण अब शुरू किया जा रहा है।

शिक्षक संगठन ने जताया आभार

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष शिव शंकर सिंह और प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजेश श्रीवास्तव ने पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ने पर प्रतिक्रिया दी है। उनके मुताबिक शिक्षक लंबे समय से पदोन्नति की मांग कर रहे थे। संगठन ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया है।

अब जिलों की वरिष्ठता सूची तैयार होने और 23 अक्टूबर तक उसे बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय भेजे जाने के बाद अगला चरण शुरू होगा। नवंबर से प्रस्तावित पदोन्नति प्रक्रिया के जरिए करीब 70 हजार परिषदीय शिक्षकों को लंबे इंतजार के बाद आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।