धार्मिक जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद समेत चार लोगों के खिलाफ नाबालिग बच्चों के साथ दुष्कर्म और लैंगिक शोषण के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। झूंसी थाने की पुलिस ने न्यायालय के निर्देश पर एफआईआर दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों, पीड़ितों के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमायह कार्रवाई पाक्सो एक्ट की विशेष अदालत के आदेश के बाद की गई। विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया ने झूंसी पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि मामले में अभियोग पंजीकृत कर निष्पक्ष और स्वतंत्र विवेचना की जाए। अदालत ने यह भी कहा कि जांच शीघ्रता से पूरी की जाए और इस दौरान पीड़ित बच्चों की पहचान और गरिमा की पूरी तरह सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
आशुतोष ब्रह्मचारी की अर्जी के बाद बढ़ी कार्रवाईमामले की शुरुआत तब हुई जब शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी की ओर से पिछले महीने अदालत में प्रार्थना पत्र दायर किया गया। अर्जी में आरोप लगाया गया था कि माघ मेले के दौरान नाबालिग लड़कों के साथ कुकर्म किया गया। कोर्ट में कथित पीड़ित बच्चों के बयान भी दर्ज कराए गए थे। इसके बाद अदालत ने पुलिस कमिश्नर से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी थी।
महाकुंभ 2025 से जुड़े आरोप भी शामिलएफआईआर में यह भी उल्लेख है कि महाकुंभ 2025 के दौरान भी दो किशोरों के साथ दुष्कर्म के आरोप लगाए गए हैं। आरोपों के अनुसार मेला क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों की आड़ लेकर नाबालिगों के साथ गलत कृत्य किए गए। झूंसी थाने में दर्ज रिपोर्ट में इन तथ्यों को शामिल किया गया है।
‘गुरु सेवा’ के नाम पर दबाव बनाने का आरोपशिकायत में यह भी कहा गया है कि नाबालिग लड़कों पर ‘गुरु सेवा’ करने का दबाव बनाया जाता था। कथित तौर पर शिष्यों द्वारा यह कहा जाता था कि गुरु की सेवा से आशीर्वाद प्राप्त होगा। आरोप है कि कभी धार्मिक विश्वास का सहारा लिया गया, तो कभी दबाव या जबरदस्ती से गलत काम किए गए। माघ मेले के दौरान शिविर परिसर और वहां खड़ी गाड़ी में भी आपत्तिजनक घटनाएं होने की बात कही गई है।
अदालत ने माना आरोप गंभीरविशेष अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पीड़ितों के कथनों, स्वतंत्र गवाहों के बयान, पुलिस आयुक्त की जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोकन से प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर प्रकृति के प्रतीत होते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामला संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है और इसमें लैंगिक उत्पीड़न के स्पष्ट आरोप शामिल हैं।
पुलिस ने शुरू की विवेचनान्यायालय के निर्देश के बाद झूंसी पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदानंद और अन्य आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। झूंसी थाना प्रभारी महेश मिश्रा ने पुष्टि की कि अदालत के आदेश का पालन करते हुए एफआईआर दर्ज कर ली गई है और विवेचना जारी है।