जयपुर: भजनलाल शर्मा का अचानक ‘टी ब्रेक’, वाटिका से लौटते समय रुकवाया काफिला; बच्चों और छात्राओं संग बिताया समय

रविवार को राजस्थान की राजनीति में एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली, जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच सादगी भरा पल साझा किया। सांगानेर के वाटिका स्थित सामुदायिक भवन में उन्होंने स्थानीय नागरिकों और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात का 131वां एपिसोड सुना। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब मुख्यमंत्री जयपुर की ओर लौट रहे थे, तभी उन्होंने रास्ते में अचानक अपना काफिला रुकवाने का निर्णय लिया।

सड़क किनारे चाय की चुस्कियां, लोगों से आत्मीय संवाद

वाटिका से लौटते समय मुख्यमंत्री की नजर सड़क किनारे लगी एक छोटी सी चाय की थड़ी पर पड़ी। उन्होंने बिना किसी पूर्व सूचना के गाड़ी रुकवाई और वहां पहुंचकर कुल्हड़ में चाय का स्वाद लिया। मुख्यमंत्री को अपने बीच देखकर ग्रामीणों में उत्साह की लहर दौड़ गई।

इस दौरान उन्होंने महिलाओं से हालचाल पूछा, बच्चों को स्नेह दिया और छात्राओं से उनकी पढ़ाई, करियर योजनाओं और सपनों पर खुलकर बातचीत की। माहौल पूरी तरह अनौपचारिक रहा और लोगों ने मुख्यमंत्री के इस सहज व्यवहार की सराहना की। कई ग्रामीणों ने इसे “जनता से सीधा जुड़ाव” बताया।

‘मन की बात’ के सामूहिक श्रवण का आयोजन

131वें एपिसोड के प्रसारण के अवसर पर देशभर में सामूहिक श्रवण कार्यक्रम आयोजित किए गए। गुजरात में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम सुना। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भोपाल में नागरिकों के बीच मौजूद रहे।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर स्थित अपने निवास पर कार्यक्रम सुना और बाद में मीडिया से बातचीत की। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल, सुकांता मजूमदार और सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी प्रधानमंत्री द्वारा ‘वोकल फॉर लोकल’ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर दिए गए विचारों की प्रशंसा की।

एआई समिट और राजनीतिक बयानबाजी

दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर भी भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे कांग्रेस की घबराहट बताया। वहीं रविशंकर प्रसाद और आदित्य साहू ने कहा कि जब वैश्विक मंच पर भारत की तकनीकी क्षमता की सराहना हो रही है, तब ऐसे विरोध देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले हैं।