शुभेंदु अधिकारी के PA मर्डर केस में फंसा निर्दोष राज सिंह, बोला- ‘CBI जांच नहीं होती तो मेरा एनकाउंटर तय था’

शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रकांत रथ हत्याकांड की जांच के दौरान एक चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। इस मामले में जांच कर रही CBI ने उत्तर प्रदेश के बलिया से राज कुमार सिंह नाम के व्यक्ति को हिरासत में लिया था। शुरुआती स्तर पर जांच एजेंसियों को शक था कि चंद्रकांत रथ की हत्या में इसी शख्स की भूमिका हो सकती है। लेकिन बाद में जांच आगे बढ़ने पर खुलासा हुआ कि गिरफ्तार किया गया व्यक्ति वह राज कुमार सिंह नहीं था जिसकी तलाश की जा रही थी, बल्कि समान नाम होने की वजह से एक निर्दोष व्यक्ति को पकड़ लिया गया था। सच्चाई सामने आने के बाद CBI ने उसे रिहा कर दिया।

रिहाई के बाद राज सिंह ने पूरी घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी ठोस सबूत के गिरफ्तार कर लिया गया और उनकी एक भी बात नहीं सुनी गई। राज सिंह के मुताबिक वह अपनी मां के साथ अयोध्या दर्शन करने गए हुए थे। घर लौटते ही पुलिस टीम ने उन्हें घेर लिया और बिना उचित जानकारी दिए अपने साथ ले गई। उन्होंने कहा कि पुलिस ने न तो उनसे कोई पूछताछ की और न ही उनकी बात समझने की कोशिश की।

‘अगर CBI नहीं आती तो मेरा एनकाउंटर हो जाता’

राज सिंह ने दावा किया कि गिरफ्तारी के बाद उन्हें लगातार डराया-धमकाया गया। उनका आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें एनकाउंटर तक की धमकी दी और हत्या का जुर्म कबूल करने का दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि उन्हें कोलकाता ले जाया गया, जहां CID अधिकारियों ने उनसे सख्ती से पूछताछ की और ऐसा अपराध स्वीकार करने के लिए मजबूर किया जो उन्होंने किया ही नहीं था।

राज सिंह का कहना है कि जांच एजेंसियों की कोशिश सिर्फ किसी भी तरह उन्हें आरोपी साबित करने की थी। उन्होंने कहा कि हर दिन उनके मन में डर बना रहता था कि कहीं उन्हें फर्जी मुठभेड़ में न मार दिया जाए। राज के मुताबिक अगर समय रहते CBI ने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो शायद वह आज जिंदा नहीं होते।
CBI जांच में खुली पूरी सच्चाई

मामले की जांच जब CBI के हाथों में गई तो धीरे-धीरे तथ्य सामने आने लगे। एजेंसी ने तकनीकी सबूतों और अन्य पहलुओं की जांच के बाद पाया कि गिरफ्तार किया गया राज सिंह इस हत्याकांड से किसी भी तरह जुड़ा नहीं है। इसके बाद उन्हें क्लीन चिट देते हुए रिहा कर दिया गया।

राज सिंह ने कहा कि वह CBI के आभारी हैं क्योंकि एजेंसी ने निष्पक्ष तरीके से जांच की और सच्चाई को सामने लाया। उन्होंने कहा कि अगर निष्पक्ष जांच न होती तो उन्हें एक ऐसे अपराध में फंसा दिया जाता जिससे उनका कोई संबंध नहीं था।

CM योगी से कार्रवाई की मांग

अब इस पूरे मामले के बाद राज सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath से न्याय की मांग की है। उन्होंने अपील की है कि जिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें गलत तरीके से गिरफ्तार किया और मानसिक प्रताड़ना दी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

राज सिंह ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके पिता भी पार्टी से जुड़े रहे हैं और वह खुद क्षत्रिय महासभा के सदस्य रह चुके हैं। इसके बावजूद मुश्किल वक्त में कोई उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया।

उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के बाद उनका पूरा परिवार डर और तनाव में जी रहा था। हर रात उन्हें यह चिंता सताती थी कि कहीं पुलिस उन्हें फिर से उठाकर किसी झूठे मामले में न फंसा दे। राज सिंह ने भावुक होते हुए कहा, “जब किसी निर्दोष के साथ ऐसा होता है तो पुलिस से डर लगना स्वाभाविक है।”