उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के महासचिव आजम खां को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा दावा किया है। राजभर का कहना है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव और आजम खां के बीच रामपुर जेल में हुई मुलाकात के दौरान बात नहीं बन पाई। उन्होंने दावा किया कि आजम खां ने अब अपनी शर्तें बदल दी हैं और उन्हें गृह मंत्री नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री का पद चाहिए। राजभर के इस बयान ने सपा के भीतर आजम खां की भूमिका और आगामी राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।
अखिलेश यादव ने गुरुवार को रामपुर जेल पहुंचकर आजम खां से मुलाकात की थी। यह मुलाकात करीब एक घंटे तक चली। इसके अगले दिन राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर टिप्पणी करते हुए दावा किया कि दोनों नेताओं के बीच ‘सेटिंग’ नहीं बैठ पाई है। उन्होंने यह भी कहा कि आजम खां अब समाजवादी पार्टी के चुनाव चिह्न साइकिल का साथ छोड़कर पतंग के साथ जाने की तैयारी में हैं। पतंग असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) का चुनाव चिह्न है।
राजभर के मुताबिक, ओवैसी की रामपुर में हुई रैली के बाद अखिलेश यादव का राजनीतिक गणित बिगड़ गया है। हालांकि, आजम खां के एआईएमआईएम में जाने या मुख्यमंत्री पद की मांग करने की बात राजभर का दावा है। समाचार सामग्री में आजम खां की ओर से इन कथित शर्तों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं दी गई है।
आजम खां को गृह मंत्री नहीं, मुख्यमंत्री बनाने की मांग का दावा
ओम प्रकाश राजभर ने अपने बयान में कहा कि अखिलेश यादव के सामने आजम खां ने कथित तौर पर साफ कर दिया है कि अगर उन्हें समाजवादी पार्टी में बनाए रखना है, तो मुख्यमंत्री की कुर्सी देनी होगी। राजभर ने इस दावे के जरिए सपा नेतृत्व पर निशाना साधा और सवाल उठाया कि क्या अखिलेश यादव आजम खां के लिए खुद मुख्यमंत्री पद छोड़ने का साहस दिखाएंगे।
आजम खां को लेकर यह बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव पहले कह चुके हैं कि यदि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनती है, तो आजम खां को गृह मंत्री बनाया जाएगा। राजभर ने इसी संदर्भ में दावा किया कि अब आजम खां गृह मंत्री के बजाय मुख्यमंत्री का पद चाहते हैं। हालांकि, स्रोत में आजम खां की ओर से ऐसी किसी मांग की पुष्टि करने वाला बयान शामिल नहीं है।
‘सैफई परिवार को मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाया’अखिलेश यादव पर हमला जारी रखते हुए राजभर ने उत्तर प्रदेश के मुस्लिम मतदाताओं और सपा नेतृत्व के रिश्ते का जिक्र किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यूपी के मुसलमानों ने कई बार सैफई परिवार को मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाया है। अब आजम खां चाहते हैं कि अखिलेश यादव भी कुछ त्याग करने का हौसला दिखाएं। राजभर की टिप्पणी का केंद्र यह दावा था कि आजम खां को पार्टी में बनाए रखने के लिए अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री पद को लेकर बड़ा फैसला करना पड़ सकता है। उन्होंने इस मुद्दे को सपा के राजनीतिक नेतृत्व और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधित्व से जोड़कर पेश किया।
पूछे जाने वाले सवाल (FAQs):
Q1. ओम प्रकाश राजभर ने आजम खां को लेकर क्या दावा किया है?राजभर ने दावा किया कि अखिलेश यादव और आजम खां के बीच रामपुर जेल में हुई मुलाकात में बात नहीं बनी। उनके मुताबिक, आजम खां गृह मंत्री के बजाय मुख्यमंत्री का पद चाहते हैं। इस दावे की आजम खां की ओर से पुष्टि समाचार सामग्री में नहीं है।
Q2. आजम खां को गृह मंत्री बनाने की बात किसने कही थी?समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव ने पहले कहा था कि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर आजम खां को गृह मंत्री बनाया जाएगा।
Q3. ओम प्रकाश राजभर ने आजम खां के एआईएमआईएम में जाने को लेकर क्या कहा?राजभर ने दावा किया कि आजम खां सपा के चुनाव चिह्न साइकिल का साथ छोड़कर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के चुनाव चिह्न पतंग के साथ जाने की तैयारी में हैं। यह राजभर का दावा है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि स्रोत में नहीं है।
Q4. अखिलेश यादव ने आजम खां से मुलाकात के बाद क्या कहा था?अखिलेश यादव ने कहा था कि आजम खां का परिवार उनका अपना परिवार है और मुलाकात राजनीतिक फायदे-नुकसान के लिए नहीं, बल्कि भावनात्मक कारणों से हुई। उन्होंने यह भी बताया कि गठबंधन के प्रत्याशियों की सूची पर आजम खां से चर्चा हुई और उन्होंने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
Q5. राजभर ने अखिलेश यादव को मुस्लिम मुख्यमंत्री के मुद्दे पर क्या चुनौती दी?राजभर ने अखिलेश यादव से चुनौतीपूर्ण अंदाज में कहा कि वे घोषणा करें कि सरकार बनने पर किसी मुस्लिम नेता को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। समाचार सामग्री में अखिलेश यादव की ओर से इस चुनौती पर कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।