उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अब समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खरगे के दलित समुदाय से होने की वजह से बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उस मंच को धोया, जहां से कांग्रेस अध्यक्ष ने लोगों को संबोधित किया था।
रविदास मेहरोत्रा ने बीजेपी पर दलितों के साथ अन्याय और उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी PDA समाज का अपमान करेगी तो उसे इसके गंभीर राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। सपा विधायक के मुताबिक, बीजेपी सरकार के लोग अहंकार में डूबे हुए हैं और जनता उनका यह अहंकार खत्म करेगी।
हल्द्वानी के मंच को लेकर क्या है विवाद?मामला उस समय सामने आया जब मल्लिकार्जुन खरगे हल्द्वानी पहुंचे थे और एक मंच से जनता को संबोधित किया था। उनके कार्यक्रम के बाद मंच के शुद्धिकरण किए जाने की बात सामने आई। दावा किया गया कि शुद्धिकरण करने वाले लोग एक हिंदू संगठन से जुड़े थे और उनका संबंध बीजेपी से था।
इस घटना के बाद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की ओर से बीजेपी पर लगातार सवाल उठाए गए। हालांकि, इस मामले में अलग-अलग दावे सामने आए हैं और इसी विवाद के बीच सपा विधायक ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि बीजेपी की सोच दलितों के प्रति खराब हो गई है। उनके अनुसार, दलितों को उनका अधिकार, न्याय और सम्मान देने के बजाय उनका अपमान किया जा रहा है और उनके अधिकार छीने जा रहे हैं।
'PDA समाज का अपमान किया तो भुगतने होंगे परिणाम'सपा विधायक ने कहा कि अगर बीजेपी PDA समाज का अपमान करती है तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने दावा किया कि ऐसी स्थिति में बीजेपी को सत्ता से बाहर जाना पड़ सकता है।
मेहरोत्रा ने यह भी कहा कि बीजेपी सरकार के लोग बहुत अधिक अहंकार में हैं और जनता उनका अहंकार समाप्त करेगी। उनका बयान ऐसे समय आया है जब हल्द्वानी के मंच से जुड़े विवाद को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
राहुल गांधी पर भी दर्ज हुई FIRहल्द्वानी के इसी शुद्धिकरण विवाद को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ भी एससी/एसटी एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है। यह मामला वाल्मीकि समाज से आने वाले अमित कुमार की शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ है।
अमित कुमार ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने मामले की जांच किए बिना इसे 'छूआछूत' से जोड़ दिया, जबकि उनके मुताबिक ऐसा कोई मामला नहीं था। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह खुद मंच की सफाई में शामिल थे और उनके साथ एससी/एसटी समुदाय के अन्य लोग भी मौजूद थे।
FIR से एक दिन पहले राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की थी कि हल्द्वानी में मंच के शुद्धिकरण से जुड़े आरोपियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत FIR दर्ज करने का आदेश दिया जाए।
रविदास मेहरोत्रा ने समझाया PDA का मतलबसपा विधायक ने अपने बयान में PDA की व्याख्या भी की। उन्होंने बताया कि जब PDA बनाया गया था तो इसका नाम PDAAA था। उनके मुताबिक, इसमें 'P' पिछड़ा, 'D' दलित और 'A' अल्पसंख्यक के लिए है। उन्होंने अल्पसंख्यकों में सिख, ईसाई, मुस्लिम, बौद्ध और जैन समुदायों का उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि दूसरे 'A' का अर्थ आधी आबादी यानी महिलाओं से है, जबकि तीसरा 'A' अगड़ी जाति के गरीब और कमजोर वर्ग के लिए इस्तेमाल किया गया है।
मेहरोत्रा ने PDA का एक और अर्थ बताते हुए इसे 'पीड़ित, दुखी और अपमानित' लोगों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि जो लोग बीजेपी सरकार में खुद को पीड़ित, दुखी और अपमानित महसूस कर रहे हैं, समाजवादी पार्टी उनके लिए संघर्ष कर रही है।
यह भी पढ़ें: शुद्धिकरण विवाद पर सियासी घमासान, रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर साधा निशाना