ग्रेटर नोएडा: यूपी के ग्रेटर नोएडा वेस्ट से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक तीन साल का बच्चा बिल्डिंग की 12वीं मंजिल की बालकनी से नीचे गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। यह घटना गौर सिटी 7 एवेन्यू सोसाइटी में हुई, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। स्थानीय लोग इस हादसे को अत्यंत दर्दनाक बता रहे हैं।
घटना की पूरी जानकारीindiatv के अनुसार, तीन साल का बच्चा 12वीं मंजिल की बालकनी में खेल रहा था। उस समय बच्चा घर में अकेला था क्योंकि उसकी मां दूसरे बच्चे को ट्यूशन के लिए छोड़ने गई थीं। अचानक बच्चा जैसे ही बालकनी से गिरा, मौके पर चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस हादसे ने बच्चे की मां को स्तब्ध और हताश कर दिया है, और वह लगातार रोती रही।
हाई राइज बिल्डिंग में बच्चों की सुरक्षा पर सवालयह घटना हाई राइज अपार्टमेंट में रहने वाले परिवारों को सोचने पर मजबूर कर रही है कि क्या उनके बच्चे सुरक्षित हैं। बालकनी में बच्चों को अकेले खेलते छोड़ना कितना खतरनाक हो सकता है, इसका डर हर माता-पिता को सताने लगा है। असल में, हाई राइज बिल्डिंग में ऐसी घटनाएं किसी भी समय हो सकती हैं और यह पैरेंट्स के लिए चिंता का सबब बनती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आप हाई राइज अपार्टमेंट में रहते हैं, तो बालकनी को सुरक्षित बनाने के हर संभव प्रयास करें। इससे बच्चों या किसी अन्य व्यक्ति को हादसे का शिकार होने से बचाया जा सकता है।
बालकनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदमरेलिंग की ऊंचाई: विशेषज्ञ मानते हैं कि बालकनी की रेलिंग कम से कम 5 फीट ऊंची होनी चाहिए। इससे गिरने के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। हालांकि कई सोसाइटियों में यह ऊंचाई केवल 4 फीट या उससे कम होती है। बालकनी सुरक्षा कवर: अगर आप बालकनी में बच्चों को खेलने की अनुमति देते हैं, तो उसे किसी तरह से कवर करना बेहद जरूरी है। इससे किसी भी अनहोनी की संभावना घटाई जा सकती है। सतर्क रहना: बच्चों को कभी भी बिना निगरानी के ऊंची मंजिल की बालकनी में अकेला छोड़ना सुरक्षित नहीं है।
यह दर्दनाक हादसा सभी माता-पिता के लिए चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए घर में उचित कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है। हाई राइज बिल्डिंग में रहने वालों को बालकनी सुरक्षा और रेलिंग की ऊंचाई जैसी बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।