धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच सीएम योगी का बड़ा हमला, बोले- 'नकल माफिया का पूरी तरह होगा सफाया'

लखनऊ। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए पेपर लीक और नकल माफिया के मुद्दे को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नकल माफिया की जड़ें इन्हीं राजनीतिक दलों की नीतियों में रही हैं और अब ऐसे गिरोहों का पूरी तरह सफाया किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार किसी भी तरह की नरमी बरतने वाली नहीं है।

'छात्रों के भविष्य से खेलने वालों के लिए जेल ही जगह'

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने का प्रयास करेंगे, उनके लिए केवल दो ही रास्ते हैं—जेल या फिर कठोर कानूनी कार्रवाई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार नकल माफिया और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कानून लागू कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार इस कानून में दोषियों के लिए कम से कम 10 वर्ष की सजा और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान रखा गया है, ताकि भविष्य में कोई भी शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।

फतेहपुर में विकास परियोजनाओं की दी सौगात

मुख्यमंत्री शनिवार को फतेहपुर सदर और अयाह-शाह विधानसभा क्षेत्रों में ₹489 करोड़ से अधिक की लागत वाली 125 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल पर उनके पहुंचते ही 'जय श्रीराम' और 'मोदी-योगी जिंदाबाद' के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। इस दौरान उन्होंने विकास परियोजनाओं की प्रदर्शनी का अवलोकन किया, विभिन्न विभागों के स्टॉल पर जाकर लोगों से संवाद किया और बच्चों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कई बच्चों को गोद में लेकर स्नेह जताया, उन्हें तिलक लगाया और खिलौने भेंट किए।

बोले- नकल माफिया को कोई नहीं बचा पाएगा

अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक छात्रों का शोषण किया और युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेला, वही आज छात्रों के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस अब घड़ियाली आंसू बहा रही हैं, जबकि नकल माफिया को संरक्षण देने का काम पहले इन्हीं दलों ने किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि नकल माफिया को मिट्टी में मिलाकर ही सरकार चैन से बैठेगी और इस अभियान को कोई भी ताकत रोक नहीं सकती।
नीट परीक्षा और एनटीए की कार्रवाई का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीट परीक्षा तय समय के भीतर आयोजित कराई गई, ताकि छात्रों का एक पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो। उन्होंने बताया कि निर्धारित समय पर परीक्षा परिणाम भी जारी किया गया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पेपर लीक में शामिल कुछ माफियाओं की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। साथ ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के कई अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटाया गया। उन्होंने कहा कि दोषियों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी और उन्हें कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने इन कदमों को छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण निर्णय बताते हुए उनका स्वागत, अभिनंदन और आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 वर्षों में छात्रों और युवाओं के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया, प्रधानमंत्री स्टार्टअप योजना और प्रधानमंत्री स्टैंडअप योजना जैसी पहलों ने देश के युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू कर युवाओं को वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर मिला है और आज भारतीय युवा दुनियाभर में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक वर्ष के भीतर 12 लाख सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराई गईं, जबकि पिछले 12 वर्षों में करोड़ों युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब छात्रों और युवाओं के मन में परीक्षा व्यवस्था को लेकर असंतोष पैदा हुआ, तब प्रधानमंत्री स्वयं आगे आए, युवाओं से संवाद किया और संसद में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कानून लाने की दिशा में कैबिनेट से नए विधेयक के मसौदे को मंजूरी दिलाई। उन्होंने इस पहल को युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम बताया।

'युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा'

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश के युवाओं को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के लिए केवल दो ही जगह हैं—जेल या फिर कानून के तहत कठोर सजा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों की ही नहीं, बल्कि अवैध तरीके से अर्जित उनकी पारिवारिक संपत्तियों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में माफिया और अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की है। यदि सरकार ने यह अभियान नहीं चलाया होता तो राज्य में 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां देना संभव नहीं हो पाता। मुख्यमंत्री के अनुसार पहले प्रदेश में निवेश का माहौल नहीं था, क्योंकि हर क्षेत्र में अपराधियों और माफियाओं का दबदबा था। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी और आम लोगों में भय का माहौल बना रहता था, जबकि वर्तमान सरकार ने प्रदेश में सुरक्षा और सुशासन का वातावरण स्थापित किया है।

समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा के एजेंडे में कभी विकास प्राथमिकता नहीं रहा। उनके अनुसार आज विपक्ष के कई नेता राजनीतिक रूप से निराश दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि अवैध कब्जों, ठेकों और जमीनों से जुड़े उनके कथित नेटवर्क पर सरकार ने कार्रवाई की है। योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि पहले खाली पड़ी जमीनों पर अवैध कब्जे करना कुछ लोगों का कारोबार बन गया था।

उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 1990 में लखनऊ में पार्टी कार्यालय के लिए एक भूखंड खरीदा था। जब कार्यकर्ताओं ने चंदा जुटाकर निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी की तो पता चला कि उस जमीन पर समाजवादी पार्टी के एक पूर्व विधायक का कब्जा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई कर उस कब्जे को हटाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कुछ लोग दूसरों की मेहनत और संपत्ति पर कब्जा जमाकर फायदा उठाते थे, लेकिन अब कानून के शासन में ऐसी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।