उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव भले ही अभी दूर हों लेकिन राजनीतिक हलचल ने अभी से रफ्तार पकड़ ली है। सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी जमीन मजबूत करने में जुट गए हैं। इसी कड़ी में अब ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (AIMIM) ने भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय दखल देने के संकेत दे दिए हैं। पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के भाई और वरिष्ठ नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने खुले मंच से ऐलान किया है कि AIMIM अब यूपी में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगी।
अकबरुद्दीन ओवैसी ने न सिर्फ अपनी पार्टी के विस्तार की बात कही, बल्कि सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनौती भी दे डाली। उन्होंने साफ कहा कि AIMIM यूपी विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत के साथ उतरेगी और अपने झंडे को मजबूती से गाड़ेगी। इस बयान के बाद यूपी की सियासत में नई बहस छिड़ गई है।
जनसभा में अकबरुद्दीन का तीखा संबोधनएक जनसभा को संबोधित करते हुए अकबरुद्दीन ओवैसी ने देश के मौजूदा हालात पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा,
“इस देश में माथे पर तिलक लगाने वाले का जितना अधिकार है, उतना ही अधिकार सिर पर टोपी पहनने वाले का भी है। यह देश किसी एक का नहीं, हम सबका है। इस मिट्टी के लिए हमने भी कुर्बानियां दी हैं, फांसी के फंदे तक चढ़े हैं। लेकिन अफसोस की बात है कि आज हर मुद्दे को हिंदू-मुस्लिम के चश्मे से देखा जाता है।”
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या देश की सारी समस्याएं सिर्फ धर्म के इर्द-गिर्द ही घूमती हैं। अकबरुद्दीन के मुताबिक, देश की असली समस्याएं बेरोजगारी और महंगाई हैं। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों के सिर पर आज भी पक्की छत नहीं है, पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध नहीं है और कई इलाकों में बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं पहुंच पाई हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुली चुनौतीतेलंगाना के निजामाबाद में आयोजित एक जनसभा के दौरान अकबरुद्दीन ओवैसी ने अपने बयान को और धार देते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधे संबोधित किया। उन्होंने कहा, “मिस्टर योगी, मैं यूपी आ रहा हूं, तैयार हो जाइए। अब उत्तर प्रदेश में भी AIMIM का झंडा लहराया जाएगा। हम सभी यूपी की ओर कूच करेंगे और वहां अपनी ताकत दिखाएंगे।”
उनके इस बयान को यूपी की राजनीति में एक बड़े सियासी संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि AIMIM अब उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और चुनावी समीकरणों में अपनी भूमिका तय करने की तैयारी में है।
कौन हैं अकबरुद्दीन ओवैसी?अकबरुद्दीन ओवैसी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन के प्रमुख चेहरों में शुमार हैं। वे पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई हैं और लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं। वर्तमान में वह तेलंगाना विधानसभा के विधायक हैं और हैदराबाद की चंद्रायनगुट्टा सीट से लगातार छह बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं।
साल 2023 में उन्हें तेलंगाना विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर भी नियुक्त किया गया था। हालांकि, उनका राजनीतिक सफर विवादों से भी अछूता नहीं रहा है। खास तौर पर उनका ‘15 मिनट वाला बयान’ लंबे समय तक सुर्खियों में रहा। वर्ष 2012 में आदिलाबाद की एक रैली में दिए गए उस बयान ने देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं पैदा की थीं।
अब एक बार फिर अकबरुद्दीन ओवैसी के बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि AIMIM की यह चुनौती उत्तर प्रदेश की राजनीति में क्या नया मोड़ लाती है।